ऑपरेशन सिंदूर को लेकर गरमाई सियासत
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के एक पुराने संसदीय बयान को लेकर सियासी विवाद गहरा गया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि संसद में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सैनिकों के हताहत होने को लेकर रक्षा मंत्री ने भ्रामक जानकारी दी थी। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने उनके इस्तीफे की मांग तेज कर दी है।
कांग्रेस ने इस्तीफे के साथ विशेषाधिकार प्रस्ताव की मांग की
कांग्रेस सांसद के. सी. वेणुगोपाल ने लोकसभा अध्यक्ष को विशेषाधिकार हनन (Privilege Motion) का नोटिस दिया है। कांग्रेस का आरोप है कि रक्षा मंत्री ने संसद में कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किसी भी भारतीय सैनिक की जान नहीं गई, जबकि बाद में सरकार ने छह शहीद सैनिकों के नाम सार्वजनिक किए। पार्टी का कहना है कि यह संसद को गुमराह करने का मामला है।
सरकार का क्या कहना है?
केंद्र सरकार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि रक्षा मंत्री के बयान को उसके पूरे संदर्भ में देखा जाना चाहिए। सरकार का कहना है कि बयान को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है और शहीद सैनिकों के सम्मान में किसी प्रकार की कमी नहीं बरती गई। सरकार ने स्पष्ट किया कि सभी शहीदों को नियमानुसार सम्मान दिया गया।
BJP की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार
कांग्रेस लगातार रक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रही है, लेकिन इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी की ओर से इस्तीफे को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। फिलहाल राजनाथ सिंह के इस्तीफे की कोई पुष्टि नहीं हुई है।
क्या राजनाथ सिंह इस्तीफा देंगे?
अभी तक ऐसी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मोदी कैबिनेट से इस्तीफा देने जा रहे हैं। इस्तीफे की मांग फिलहाल विपक्ष की ओर से उठाई गई है, जबकि केंद्र सरकार ने आरोपों का विरोध किया है। ऐसे में इस्तीफे की अटकलों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
निष्कर्ष
ऑपरेशन सिंदूर को लेकर संसद और राजनीतिक गलियारों में विवाद जारी है। कांग्रेस ने रक्षा मंत्री के खिलाफ विशेषाधिकार प्रस्ताव और इस्तीफे की मांग की है, जबकि सरकार अपने रुख पर कायम है। अब इस मामले में लोकसभा अध्यक्ष के फैसले और आगे की संसदीय कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।

