रायपुर में ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़ा एक नया मामला सामने आया है, जहां जांच एजेंसियों की नजर से बचने के लिए कुख्यात Mahadev सट्टा ऐप के संचालकों ने इसके नाम में मामूली बदलाव कर फिर से लोगों को फंसाना शुरू कर दिया है। अब इसे “Mahaadev” नाम से चलाया जा रहा है, जिसमें स्पेलिंग में सिर्फ एक अतिरिक्त ‘A’ जोड़ा गया है।
साल 2023 में Enforcement Directorate (ED) ने करीब 6,000 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के बाद इस ऐप के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की थी। इसके बावजूद यह ऐप अब फिर से सक्रिय हो गया है, खासकर IPL और चुनावी माहौल के दौरान।
इस प्लेटफॉर्म पर क्रिकेट मैचों के नतीजों के अलावा, हर ओवर में बनने वाले रन, विकेट गिरने जैसे पहलुओं पर भी दांव लगाया जा रहा है। इतना ही नहीं, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी जैसे राज्यों के विधानसभा चुनावों में भी राजनीतिक नतीजों और सीटों के अनुमान पर सट्टा लगाया जा रहा है। आम तौर पर लोग 100 रुपये से लेकर 10,000 रुपये तक की रकम दांव पर लगा रहे हैं।
हालांकि 2025 में ऑनलाइन मनी गेमिंग पर प्रतिबंध लगाया जा चुका है, फिर भी यह ऐप लगातार संचालित हो रहा है। इसके मुख्य संचालक सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल पिछले दो साल से फरार हैं। दोनों छत्तीसगढ़ के भिलाई के रहने वाले हैं और जांच एजेंसियों को शक है कि वे दुबई से इस पूरे नेटवर्क को चला रहे हैं।
वहीं, रायपुर की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट ने 2026 में अब तक ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े तीन मामलों में 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान करीब 1.04 करोड़ रुपये नकद, लैपटॉप, मोबाइल, वाहन और बैंकिंग दस्तावेज समेत कुल लगभग 1.92 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है।
इसके अलावा, सोमवार को रायपुर में एक जुए के अड्डे पर छापेमारी के दौरान पुलिस ने 6.34 लाख रुपये नकद, एक मर्सिडीज कार और दो आईफोन जब्त किए। इस कार्रवाई में राहुल सिंह और रितेश कुमार आनंद को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य आरोपी अभी फरार हैं।

