मल्लिकार्जुन खड़गे (Photo Credits: IANS)
नई दिल्ली, 25 मई: देश में आम उपभोक्ताओं पर महंगाई का बोझ एक बार फिर बढ़ गया है. सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों (OMCs) (Public Sector Oil Marketing Companies) ने सोमवार, 25 मई 2026 को पेट्रोल और डीजल की कीमतों (Petrol and Diesel Prices) में चालू पखवाड़े में चौथी बार बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की है. ताजा संशोधन के तहत राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल के दामों में 2.61 रुपये प्रति लीटर और डीजल में 2.71 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया है. इस लगातार हो रही मूल्यवृद्धि को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Congress President Mallikarjun Kharge) ने इसे जनता की बचत पर ‘दैनिक हमला’ और ‘फ्यूल लूट’ (Fuel Loot) की संज्ञा दी है. यह भी पढ़ें: Rahul Gandhi on Petrol-Diesel Price Hike: पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी पर भड़के राहुल गांधी, PM मोदी को कहा- ‘महंगाई मानव’
दिल्ली में पेट्रोल 102 के पार, दो दिन पहले भी बढ़े थे दाम
सोमवार को हुई इस मूल्यवृद्धि के बाद दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 99.51 रुपये से बढ़कर 102.12 रुपये प्रति लीटर हो गई है. वहीं, डीजल का भाव भी 92.49 रुपये से उछलकर 95.20 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गया है.
गौरतलब है कि इससे ठीक दो दिन पहले शनिवार को भी तेल कंपनियों ने पेट्रोल पर 0.87 रुपये और डीजल पर 0.91 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी. पिछले 11 से 14 दिनों के भीतर पेट्रोल कुल 7.35 रुपये और डीजल 7.53 रुपये प्रति लीटर तक महंगा हो चुका है, जिससे माल ढुलाई महंगी होने और आम रसोई का बजट बिगड़ने की आशंका बढ़ गई है.
मल्लिकार्जुन खड़गे का तीखा हमला: ‘लोगों के मुनाफे पर भारी बीजेपी का डीएनए’
ईंधन की आसमान छूती कीमतों पर नाराजगी जताते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर सरकार को घेरा. उन्होंने वर्ष 2014 से लेकर 2026 तक के आंकड़ों की तुलना करते हुए लिखा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में पेट्रोल 71.41 रुपये से बढ़कर 102.12 रुपये और डीजल 56.71 रुपये से बढ़कर 95.20 रुपये प्रति लीटर हो चुका है. खड़गे ने आरोप लगाया कि सरकार ने पिछले 12 वर्षों में टैक्स और कीमतों के माध्यम से जनता से लगभग 43 लाख करोड़ रुपये की ‘लूट’ की है.
खड़गे ने शेयर बाजार के आंकड़ों का हवाला देते हुए सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा, “पेट्रोल-डीजल की कीमतों में चौथी बार हुई इस बढ़ोतरी के बाद आज शेयर बाजार में एचपीसीएल (HPCL), बीपीसीएल (BPCL) और आईओसी (IOC) के शेयरों में क्रमशः 5.8%, 4.44% और 3.90% का भारी उछाल देखा गया. जनता की भलाई के ऊपर कॉरपोरेट मुनाफा देखना ही भाजपा का असली चरित्र है. इस दैनिक लूट से आखिरकार किसे फायदा मिल रहा है?” उन्होंने चेतावनी दी कि इस बढ़ोतरी का असर किसानों से लेकर एमएसएमई (MSMEs) और अर्थव्यवस्था के हर पहलू पर पड़ेगा.
वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें और भू-राजनीतिक तनाव हैं मुख्य कारण
तेल बाजार के विश्लेषकों और आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, घरेलू स्तर पर ईंधन की कीमतों में आ रही इस लगातार तेजी के पीछे अंतरराष्ट्रीय कारण मुख्य रूप से जिम्मेदार हैं. पश्चिम एशिया (Middle East) में लंबे समय से जारी भू-राजनीतिक तनाव और अनिश्चितता के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार लगातार दबाव में काम कर रहा है.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें लगातार ऊंचे स्तर पर टिकी हुई हैं, जिससे भारतीय तेल विपणन कंपनियों की आयात लागत में भारी बढ़ोतरी हुई है. कंपनियां इसी बढ़े हुए वित्तीय बोझ को धीरे-धीरे घरेलू खुदरा कीमतों में संशोधित करके उपभोक्ताओं पर स्थानांतरित कर रही हैं.

