अमेरिका और Iran के बीच सीजफायर के ऐलान के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली है। अमेरिकी बाजार में क्रूड ऑयल की कीमत करीब 19% यानी 26 डॉलर प्रति बैरल घटकर लगभग 91 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई, जबकि इससे पहले यह 116 डॉलर प्रति बैरल थी। इस गिरावट का वैश्विक बाजार ने सकारात्मक रूप से स्वागत किया है और उम्मीद जताई जा रही है कि पेट्रोल-डीजल के दामों में भी कमी आ सकती है, साथ ही LPG और LNG की सप्लाई को लेकर बनी चिंता भी कम होगी।
खाड़ी देशों में भी तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। बुधवार को बाजार खुलते ही यहां कच्चा तेल 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गया, जो करीब 15% की गिरावट है। Brent Crude Oil की कीमत भी 15% से ज्यादा गिरकर लगभग 92.82 डॉलर प्रति बैरल हो गई, जबकि एक दिन पहले यह 109 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर थी। कुल मिलाकर खाड़ी क्षेत्र में तेल के दाम करीब 18 डॉलर प्रति बैरल तक नीचे आ चुके हैं।
दरअसल, दोनों देशों के बीच 2 हफ्ते के लिए युद्धविराम लागू हुआ है। 7 अप्रैल की तय समय सीमा से पहले ही अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ceasefire की घोषणा की और साथ ही यह भी कहा कि समझौते के लिए बातचीत जारी रहेगी। इस प्रक्रिया में पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभाएगा और 10 अप्रैल से Islamabad में वार्ता प्रस्तावित है। ईरान ने अमेरिका के सामने 10 शर्तें रखी हैं, जिन पर चर्चा होगी। आने वाले दो हफ्तों में ही यह तय होगा कि यह युद्ध पूरी तरह खत्म होगा या फिर आगे बढ़ेगा।
गौरतलब है कि यह संघर्ष 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था, जब अमेरिका और Israel ने ईरान पर हमला किया था। उनका उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकना और उसकी बैलिस्टिक मिसाइलों की सीमा तय कराना था। हालांकि ईरान इन शर्तों को मानने के लिए तैयार नहीं था। तीन दौर की बातचीत विफल होने के बाद यह सैन्य कार्रवाई शुरू हुई, जो 7 अप्रैल तक जारी रही। इस दौरान कई बार समझौते की कोशिशें हुईं, लेकिन कोई ठोस नतीजा नहीं निकल पाया।

