गिरीश गुप्ता गरियाबंद। जिले के झोलाराव गांव से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बने हुए हैं। यहां दो लोगों पर किसान के घर से खाद की बोरी चोरी करने का आरोप लगा। ग्रामीणों ने दोनों को कथित तौर पर पकड़ लिया और इसके बाद उन्हें पुलिस के हवाले करने के बजाय अनोखे तरीके से गांव में घुमाया गया।
स्थानीय जानकारी के मुताबिक, दोनों युवकों पर किसान के घर से खाद की बोरी चोरी करने का आरोप है। ग्रामीणों ने उन्हें पकड़ने के बाद उनके कंधों पर वही खाद की बोरियां लाद दीं। इसके बाद गाजे-बाजे के साथ दोनों को पूरे गांव में घुमाया गया। इस दौरान ग्रामीणों की भीड़ भी उनके साथ चलती नजर आई।
कंधे पर खाद की बोरी, आगे-आगे गाजे-बाजे
इस घटना की जो तस्वीर सामने आई है, उसमें कथित आरोपियों के कंधों पर खाद की बोरियां दिखाई दे रही हैं। बताया जा रहा है कि चोरी के आरोप में पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने दोनों को यह बोरी उठाकर गांव में घूमने को कहा।
ग्रामीणों की इस कार्रवाई को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोग इसे चोरी के खिलाफ ग्रामीणों का अनोखा विरोध बता रहे हैं, तो कुछ लोगों का कहना है कि किसी भी आरोपी को सजा देने का अधिकार कानून के तहत पुलिस और न्याय व्यवस्था का है।
गरियाबंद
2 लोगों ने एक किसान के घर से खाद की बोरी चुराई,
पकड़ा गए..गाँव वालों ने दोनों को अनोखी सजा दी..दोनों के काँधे पर वही खाद की बोरी लाद दी और गाजे-बाजे के साथ गाँव का भ्रमण करवाया..
झोलाराव गांव की ये तस्वीर है..
अरे भाई पुलिस को ही सौंप देते#Gariyaband #chhattisgarh pic.twitter.com/QZPshKwPks
— Anshuman Sharma (@anshuman_sunona) September 10, 2026
पुलिस को सौंपने के बजाय ग्रामीणों ने निकाला जुलूस
मामले में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात की हो रही है कि कथित चोरी के आरोपियों को पुलिस के हवाले करने के बजाय ग्रामीणों ने खुद ही कार्रवाई कर दी। दोनों को खाद की बोरी के साथ गांव में घुमाया गया।
हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह स्पष्ट नहीं है कि इस मामले में पुलिस ने दोनों के खिलाफ कोई FIR दर्ज की है या नहीं। न ही यह स्वतंत्र रूप से पुष्ट है कि खाद चोरी का आरोप न्यायिक तौर पर साबित हुआ है। इसलिए इस घटना को फिलहाल ग्रामीणों के आरोप और स्थानीय जानकारी के आधार पर ही देखा जाना चाहिए।
सोशल मीडिया पर तस्वीरें वायरल
झोलाराव गांव की बताई जा रही इस घटना की तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर की जा रही है। तस्वीर में ग्रामीणों की मौजूदगी और कथित आरोपियों के कंधे पर खाद की बोरी दिखाई दे रही है। गाजे-बाजे के साथ गांव में जुलूस निकाले जाने की बात भी सामने आई है।
घटना के बाद स्थानीय स्तर पर यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर खाद की चोरी का मामला क्या था और दोनों युवकों को किस आधार पर पकड़ा गया। यदि पुलिस की ओर से इस संबंध में आधिकारिक बयान या FIR की जानकारी सामने आती है, तो मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।
कानून हाथ में लेने पर भी उठे सवाल
इस घटना ने एक दूसरा सवाल भी खड़ा कर दिया है। अगर किसी व्यक्ति पर चोरी का संदेह हो तो कानून के मुताबिक उसे पुलिस को सौंपा जाना चाहिए और जांच के बाद ही आरोप तय होते हैं। ग्रामीणों द्वारा किसी व्यक्ति को सार्वजनिक रूप से घुमाना या दंड देना कानूनी प्रक्रिया का विकल्प नहीं है।
फिलहाल झोलाराव गांव की इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा जारी है। CGTOP36 इस घटना में सामने आए आरोपों की स्वतंत्र पुलिस पुष्टि के बिना किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराता है। पुलिस की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद खबर को अपडेट किया जा सकता है।
नोट: यह खबर स्थानीय/सोशल मीडिया पर सामने आई जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। CGTOP36 का उद्देश्य किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना नहीं है। पाठकों से अपील है कि आधिकारिक पुष्टि के बिना किसी निष्कर्ष पर न पहुंचें।

