नई दिल्ली। देश में राजनीतिक दलों की चुनावी फंडिंग को लेकर सामने आए ताजा आंकड़े भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच आर्थिक संसाधनों के बड़े अंतर को सामने रखते हैं। पांच राज्यों—पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी—के विधानसभा चुनावों की अवधि में BJP को करीब 1,472.8 करोड़ रुपये मिले, जबकि कांग्रेस के खाते में 207.17 करोड़ रुपये आए। यानी इस अवधि में BJP को कांग्रेस की तुलना में करीब 7 गुना ज्यादा फंड मिला।
इन आंकड़ों से सिर्फ चुनावी चंदे में अंतर ही नहीं दिखता, बल्कि दोनों दलों के चुनावी खर्च और प्रचार अभियान के लिए उपलब्ध आर्थिक संसाधनों के बीच भी बड़ा फासला दिखाई देता है।
BJP को मिले 1,472.8 करोड़ रुपये
चुनाव आयोग के सामने जमा किए गए चुनावी खर्च से जुड़े विवरण के अनुसार पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों की चुनावी अवधि में BJP के केंद्रीय मुख्यालय को कुल 1,472.8 करोड़ रुपये प्राप्त हुए।
यह अवधि 15 मार्च से 4 मई तक की थी। इस दौरान पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव हुए।
दूसरी तरफ कांग्रेस को इसी अवधि में 207.17 करोड़ रुपये मिले। इस तरह दोनों प्रमुख राष्ट्रीय दलों के बीच फंडिंग का अंतर करीब 1,265.63 करोड़ रुपये का रहा।
यानी जिस चुनावी अवधि में कांग्रेस को करीब 207 करोड़ रुपये मिले, उसी दौरान BJP के पास करीब 1,473 करोड़ रुपये का फंड आया।
सिर्फ चंदा ही नहीं, BJP का कुल फंड भी कई गुना ज्यादा
चुनावी अवधि के दौरान BJP के फंड में करीब 904.6 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज हुई। 15 मार्च को BJP के पास करीब 6,722.6 करोड़ रुपये थे, जो 6 मई तक बढ़कर लगभग 7,627.2 करोड़ रुपये हो गए।
इसके विपरीत कांग्रेस का फंड इस अवधि में घट गया। चुनावी अवधि की शुरुआत में कांग्रेस के पास करीब 169.06 करोड़ रुपये थे, जो 6 मई तक घटकर करीब 103.2 करोड़ रुपये रह गए।
असम में BJP ने खर्च किए करीब 96 करोड़
चुनावी खर्च के उपलब्ध आंकड़ों में असम BJP के सबसे बड़े खर्च वाले राज्यों में रहा। पार्टी ने असम विधानसभा चुनाव में करीब 96.27 करोड़ रुपये खर्च किए।
इसमें लगभग 76.73 करोड़ रुपये सामान्य प्रचार पर और 19.54 करोड़ रुपये उम्मीदवारों से संबंधित खर्च पर लगाए गए।
BJP ने असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी में कुल मिलाकर करीब 159.7 करोड़ रुपये खर्च किए। हालांकि पश्चिम बंगाल और केरल के लिए BJP का पूरा चुनावी खर्च उस समय सार्वजनिक नहीं हुआ था। इसलिए पांचों राज्यों का BJP का अंतिम कुल खर्च इससे अधिक हो सकता है।
तमिलनाडु में भी करोड़ों का खर्च
तमिलनाडु में BJP ने करीब 51.56 करोड़ रुपये खर्च किए। इसमें 44.51 करोड़ रुपये सामान्य प्रचार और 7.05 करोड़ रुपये उम्मीदवारों से जुड़े खर्च में गए।
पार्टी के खर्च में करीब 23.96 करोड़ रुपये मीडिया विज्ञापन और लगभग 10.04 करोड़ रुपये स्टार प्रचारकों की यात्रा पर खर्च किए जाने की जानकारी सामने आई है। प्रचार सामग्री पर भी करीब 5.85 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
पुडुचेरी में BJP का कुल चुनावी खर्च करीब 11.90 करोड़ रुपये बताया गया है।
कांग्रेस ने पांच राज्यों में 248.55 करोड़ रुपये खर्च किए
कांग्रेस की बात करें तो पार्टी ने पांचों राज्यों में कुल करीब 248.55 करोड़ रुपये खर्च किए।
इसमें लगभग 143 करोड़ रुपये सामान्य प्रचार और 105.55 करोड़ रुपये उम्मीदवारों से संबंधित खर्च में गए।
कांग्रेस के केंद्रीय मुख्यालय ने प्रचार पर करीब 40.52 करोड़ रुपये, जबकि राज्य और स्थानीय इकाइयों ने लगभग 102.49 करोड़ रुपये खर्च किए।
कांग्रेस का सबसे ज्यादा सामान्य प्रचार खर्च केरल में रहा, जहां पार्टी ने करीब 59.28 करोड़ रुपये खर्च किए। असम में सामान्य प्रचार पर करीब 22.62 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
पूरे वित्त वर्ष की तस्वीर भी BJP के पक्ष में
अगर केवल इन पांच राज्यों के चुनावों के बजाय पूरे वित्त वर्ष 2024-25 की बात करें तो BJP और कांग्रेस के बीच आर्थिक संसाधनों का अंतर और भी बड़ा नजर आता है।
Association for Democratic Reforms (ADR) की रिपोर्ट के मुताबिक वित्त वर्ष 2024-25 में BJP ने 6,769.15 करोड़ रुपये की कुल आय घोषित की। यह छह राष्ट्रीय दलों की कुल आय का करीब 85 प्रतिशत थी।
इसी अवधि में कांग्रेस की कुल आय करीब 918.29 करोड़ रुपये रही। यानी BJP की घोषित कुल आय कांग्रेस से लगभग 7.4 गुना ज्यादा रही।
BJP को 6,124 करोड़ रुपये से ज्यादा का चंदा
ADR के मुताबिक वित्त वर्ष 2024-25 में BJP ने 6,124.86 करोड़ रुपये की आय donations/contributions के रूप में घोषित की।
वहीं कांग्रेस ने इसी मद में करीब 522.13 करोड़ रुपये प्राप्त होने की जानकारी दी।
यानी पूरे वित्त वर्ष में भी BJP और कांग्रेस के बीच चंदे से प्राप्त राशि में करीब 11.7 गुना का अंतर रहा।
ADR के आंकड़ों के मुताबिक BJP की कुल आय का करीब 90.48 प्रतिशत donations/contributions से आया था। कांग्रेस की कुल आय में donations/contributions की हिस्सेदारी करीब 56.86 प्रतिशत थी।
खर्च में भी BJP सबसे आगे
अब बात खर्च की करें तो यहां भी BJP का आंकड़ा काफी बड़ा है।
ADR की रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2024-25 में BJP ने कुल 3,774.58 करोड़ रुपये खर्च किए। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा Election/General Propaganda पर गया, जिस पर करीब 3,335.37 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
इसके मुकाबले कांग्रेस ने वित्त वर्ष 2024-25 में कुल करीब 1,111.95 करोड़ रुपये खर्च किए। कांग्रेस का सबसे बड़ा खर्च Election Expenditure रहा, जिस पर करीब 896.23 करोड़ रुपये खर्च हुए।
इस तरह पूरे वित्त वर्ष में BJP का घोषित खर्च कांग्रेस के मुकाबले करीब 3.4 गुना रहा।
BJP vs Congress: आंकड़ों में सीधी तुलना
| आंकड़ा | BJP | कांग्रेस |
|---|---|---|
| पांच राज्यों की चुनावी अवधि में प्राप्त फंड | ₹1,472.8 करोड़ | ₹207.17 करोड़ |
| FY 2024-25 कुल आय | ₹6,769.15 करोड़ | ₹918.29 करोड़ |
| FY 2024-25 Donations/Contributions | ₹6,124.86 करोड़ | ₹522.13 करोड़ |
| FY 2024-25 कुल खर्च | ₹3,774.58 करोड़ | ₹1,111.95 करोड़ |
| चुनाव/प्रचार पर खर्च | ₹3,335.37 करोड़ | ₹896.23 करोड़ |
उपरोक्त आंकड़े ADR की रिपोर्ट और चुनावी खर्च से संबंधित उपलब्ध चुनाव आयोग के विवरण पर आधारित हैं।
क्या कहती है पूरी तस्वीर?
आंकड़ों को एक साथ देखें तो तस्वीर साफ है। चुनावी फंडिंग, कुल आय और चुनाव/प्रचार पर खर्च—तीनों ही मामलों में BJP कांग्रेस से काफी आगे रही।
पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों की अवधि में BJP को कांग्रेस से करीब सात गुना ज्यादा फंड मिला। वहीं वित्त वर्ष 2024-25 में BJP की कुल आय कांग्रेस से कई गुना अधिक रही और चुनाव/सामान्य प्रचार पर BJP का खर्च भी कांग्रेस की तुलना में काफी ज्यादा रहा।
हालांकि यहां एक महत्वपूर्ण बात समझना जरूरी है—ज्यादा फंड या ज्यादा खर्च अपने आप में किसी तरह की अनियमितता साबित नहीं करता। ये आंकड़े पार्टियों द्वारा चुनाव आयोग को जमा किए गए आय-व्यय विवरण और ADR के विश्लेषण पर आधारित हैं। इनका मतलब यह है कि दोनों दलों के पास उपलब्ध और घोषित आर्थिक संसाधनों में बहुत बड़ा अंतर था।
निष्कर्ष
BJP और कांग्रेस की तुलना करें तो BJP इस समय राजनीतिक फंडिंग के मामले में स्पष्ट रूप से सबसे आगे दिखाई देती है। पांच राज्यों के चुनावों में BJP को करीब ₹1,473 करोड़, जबकि कांग्रेस को करीब ₹207 करोड़ मिले। पूरे वित्त वर्ष 2024-25 में भी BJP की कुल आय करीब ₹6,769 करोड़ रही, जबकि कांग्रेस की आय करीब ₹918 करोड़ थी।
खर्च के मोर्चे पर भी BJP ने वित्त वर्ष 2024-25 में करीब ₹3,775 करोड़ खर्च किए, जिसमें अकेले ₹3,335 करोड़ से ज्यादा चुनाव और सामान्य प्रचार पर खर्च हुए। कांग्रेस का कुल खर्च करीब ₹1,112 करोड़ रहा।
इसलिए इन आंकड़ों से यह जरूर स्पष्ट होता है कि BJP के पास कांग्रेस की तुलना में कहीं बड़ा चुनावी वित्तीय संसाधन और प्रचार बजट था और उसका घोषित चुनावी खर्च भी काफी ज्यादा रहा।
स्रोत: चुनाव आयोग के चुनावी खर्च संबंधी विवरण और Association for Democratic Reforms (ADR) की FY 2024-25 रिपोर्ट।

