बलरामपुर। छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई को लेकर एक बार फिर प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को ED की टीम बलरामपुर पहुंची और यहां पदस्थ अपर कलेक्टर चेतन बोरघारिया को सर्किट हाउस बुलाकर पूछताछ शुरू की। जांच एजेंसी की टीम दो वाहनों से सर्किट हाउस पहुंची, जिसके बाद परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई।
चेतन बोरघारिया का नाम इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वे पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के OSD के तौर पर काम कर चुके हैं। सत्ता परिवर्तन के बाद वे प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालते हुए वर्तमान में बलरामपुर जिले में अपर कलेक्टर के पद पर पदस्थ हैं।
दो वाहनों से सर्किट हाउस पहुंची ED की टीम
जानकारी के मुताबिक ED की टीम मंगलवार को बलरामपुर पहुंची। टीम सीधे सर्किट हाउस गई, जहां अपर कलेक्टर चेतन बोरघारिया से पूछताछ शुरू की गई। पूछताछ बंद कमरे में चल रही है और सुरक्षा के मद्देनजर सर्किट हाउस परिसर में भी निगरानी बढ़ाई गई है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक पूछताछ कई घंटे से जारी थी।
हालांकि सबसे बड़ा सवाल यही है कि ED आखिर चेतन बोरघारिया से किस मामले में पूछताछ कर रही है? फिलहाल जांच एजेंसी की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक विस्तृत बयान सामने नहीं आया है। इसलिए पूछताछ के उद्देश्य को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
पूर्व मुख्यमंत्री के OSD रह चुके हैं चेतन बोरघारिया
चेतन बोरघारिया का प्रशासनिक करियर उन्हें इस समय की ED कार्रवाई में महत्वपूर्ण नाम बनाता है। वे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के OSD के रूप में भी जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वर्तमान में वे बलरामपुर के अपर कलेक्टर हैं। यही वजह है कि ED की टीम के उनके पास पहुंचने की खबर के बाद प्रशासनिक महकमे में भी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
हालांकि यह स्पष्ट करना जरूरी है कि किसी व्यक्ति से ED द्वारा पूछताछ किया जाना अपने आप में उसके खिलाफ अपराध सिद्ध नहीं करता। जांच एजेंसी किसी मामले में तथ्य जुटाने, दस्तावेजों को समझने या संबंधित लोगों के बयानों की पुष्टि के लिए भी पूछताछ कर सकती है।
दुर्ग में भी पूर्व CM के PA के ठिकाने पर कार्रवाई
बलरामपुर की कार्रवाई से पहले ED की टीम ने मंगलवार सुबह दुर्ग जिले के पुरानी भिलाई इलाके में भी कार्रवाई की। रिपोर्टों के अनुसार टीम पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के PA रह चुके केके चंद्रवंशी के निवास पर पहुंची थी। वहां भी दस्तावेजों की जांच और पूछताछ किए जाने की जानकारी सामने आई है।
ED की यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ में पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल से जुड़े कथित मामलों की जांच के बीच सामने आई है। कुछ रिपोर्टों में इसे PSC से जुड़े कथित घोटाले की जांच से जोड़कर बताया गया है, लेकिन बलरामपुर में चेतन बोरघारिया से पूछताछ इसी मामले में हो रही है या किसी अन्य जांच के सिलसिले में, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पूछताछ के बाद क्या होगा?
फिलहाल सबसे ज्यादा नजर ED की अगली कार्रवाई पर है। क्या पूछताछ के बाद टीम दस्तावेज या अन्य रिकॉर्ड अपने कब्जे में लेती है, क्या आगे समन जारी किया जाता है या फिर किसी अन्य स्थान पर कार्रवाई होती है—इन सवालों के जवाब जांच आगे बढ़ने के बाद ही स्पष्ट होंगे।
फिलहाल बलरामपुर सर्किट हाउस में ED की पूछताछ जारी रहने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसी की ओर से पूछताछ के उद्देश्य, संभावित केस और आगे की कार्रवाई को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार है।

