उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में 05 अगस्त की प्रातःकालीन भस्म आरती श्रद्धा और भक्ति के माहौल में संपन्न हुई। ब्रह्म मुहूर्त में मंदिर के पट खुलने के बाद भगवान महाकाल का विधि-विधान से अभिषेक, पूजन और भस्म आरती की गई। इसके बाद बाबा महाकाल का भांग, चंदन, त्रिपुंड, रुद्राक्ष और आकर्षक आभूषणों से दिव्य श्रृंगार किया गया, जिसके दर्शन के लिए देश-विदेश से आए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
भस्म आरती के दौरान मंदिर परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय श्री महाकाल’ के जयघोष से गूंज उठा। परंपरा के अनुसार भगवान महाकाल का जल, दूध, दही, घी, शहद और पंचामृत से अभिषेक किया गया। इसके बाद भस्म अर्पित कर विशेष पूजा-अर्चना संपन्न हुई।

श्रृंगार के दौरान बाबा महाकाल को भांग, चंदन, फूलों की मालाओं, रजत एवं स्वर्ण आभूषणों से सजाया गया। माथे पर त्रिपुंड और आकर्षक मुकुट ने बाबा के स्वरूप को और भी दिव्य बना दिया। आरती के बाद श्रद्धालुओं ने नंदी हॉल और दर्शन व्यवस्था के माध्यम से बाबा महाकाल के दर्शन कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।
महाकाल मंदिर प्रबंधन के अनुसार, सावन-भादो के पवित्र माह में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा के दर्शन के लिए उज्जैन पहुंच रहे हैं। भक्तों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं। दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा और यातायात को लेकर प्रशासन लगातार निगरानी बनाए हुए है।
महाकाल मंदिर की भस्म आरती देश-विदेश में विशेष धार्मिक महत्व रखती है। प्रतिदिन तड़के होने वाली यह आरती भगवान शिव की अनूठी परंपराओं में से एक मानी जाती है और लाखों श्रद्धालु ऑनलाइन एवं प्रत्यक्ष रूप से इसके दर्शन करते हैं।

