चित्रकूट। उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के भरतपुर थाना क्षेत्र से घरेलू विवाद और कथित प्रताड़ना का गंभीर मामला सामने आया है। यहां वंदना नाम की एक महिला ने अपने पति पर दहेज के लिए परेशान करने, मारपीट करने और उसकी इच्छा के खिलाफ शारीरिक संबंध बनाने सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला का दावा है कि शादी के बाद से ही उसका पति उससे पैसों की मांग करता रहा है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, वंदना की शादी वर्ष 2023 में हुई थी। महिला का आरोप है कि शादी के बाद पति लगातार उससे 2 लाख रुपये और सोने की चेन की मांग करने लगा। आरोप है कि मांग पूरी नहीं होने पर उसके साथ मारपीट और गाली-गलौज की जाती थी।
गर्भावस्था में जबरन संबंध बनाने का आरोप
वंदना का कहना है कि वह वर्तमान में गर्भवती है। उसका आरोप है कि पति उसकी इच्छा के खिलाफ जबरन शारीरिक संबंध बनाता है। महिला के मुताबिक, जब वह इसका विरोध करती है तो पति कथित तौर पर उसे अपमानित करता है और कमरे के किराये का हवाला देता है।
महिला ने बताया कि उसने पति से कई बार सम्मान के साथ रखने की बात कही, लेकिन उसके अनुसार स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बजाय पैसों को लेकर विवाद और कथित मानसिक प्रताड़ना जारी रही।
ट्रक ड्राइवरों के साथ संबंध बनाने का भी आरोप
मामले का सबसे गंभीर आरोप यह है कि वंदना ने अपने पति पर उस पर दूसरे पुरुषों के साथ शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालने का आरोप लगाया है।
महिला के मुताबिक, उसका पति अपने साथ काम करने वाले ट्रक ड्राइवरों के साथ संबंध बनाने के लिए उस पर दबाव डालता था। वंदना का आरोप है कि वह इसका विरोध करती तो उसके साथ कथित तौर पर मारपीट और गाली-गलौज की जाती।
‘मुझे पैसे कमाकर दो, चाहे जहां से दो’
वंदना ने आरोप लगाया कि उसका पति उससे किसी भी तरीके से पैसे कमाकर लाने का दबाव बनाता था। महिला के अनुसार, पति उससे कहता था कि उसे पैसे चाहिए, चाहे वह किसी भी तरीके से कमाए।
महिला ने अपनी स्थिति बताते हुए कहा कि अगर पति उसे अपने साथ रखना चाहता है तो सम्मान के साथ रखे। यदि वह साथ नहीं रखना चाहता तो उसे स्पष्ट रूप से बता दे, ताकि वह अपने और अपने बच्चे के भविष्य को लेकर फैसला कर सके।
आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं
इस मामले में सामने आई जानकारी फिलहाल महिला के बयानों और मीडिया रिपोर्टों पर आधारित है। उपलब्ध रिपोर्टों में महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसी तरह आरोपी पति का विस्तृत पक्ष और पुलिस की ओर से मामले में की गई कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी भी स्पष्ट रूप से सामने नहीं आई है।
ऐसे में इन आरोपों को फिलहाल महिला की शिकायत/बयान के तौर पर ही देखा जाना चाहिए, न कि साबित तथ्य के रूप में। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और दोनों पक्षों के बयान सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
घरेलू हिंसा और महिला सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर घरेलू हिंसा, दहेज की मांग और वैवाहिक रिश्तों में महिला की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े किए हैं। यदि महिला द्वारा लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो मामला गंभीर आपराधिक कार्रवाई का विषय बन सकता है।
फिलहाल पूरे मामले में सबसे अहम बात यह है कि महिला की शिकायत पर पुलिस क्या कार्रवाई करती है और जांच में उसके आरोपों के संबंध में क्या तथ्य सामने आते हैं। आरोपी पक्ष का बयान सामने आने के बाद मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

