जांजगीर-चांपा। जिले के बलौदा विकासखंड के नवापारा गांव स्थित मिडिल स्कूल के प्रधानपाठक अरविंद साव को शराब के नशे में स्कूल पहुंचना भारी पड़ गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए शिक्षा विभाग ने प्रधानपाठक के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की है। संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग बिलासपुर द्वारा जारी आदेश के बाद अरविंद साव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, नवापारा के मिडिल स्कूल में प्रधानपाठक अरविंद साव के शराब के नशे में स्कूल पहुंचने की शिकायत सामने आई थी। बताया गया कि स्कूल में प्रधानपाठक को नशे की हालत में देखकर विद्यार्थियों और उनके परिजनों में नाराजगी फैल गई। मामले की जानकारी पुलिस को भी दी गई थी।
नशे की हालत में स्कूल पहुंचने का आरोप
बताया जा रहा है कि घटना के दौरान प्रधानपाठक के व्यवहार और उनकी स्थिति को लेकर स्कूल में मौजूद विद्यार्थियों तथा परिजनों ने आपत्ति जताई। बच्चों की पढ़ाई और स्कूल के अनुशासन पर भी इसका असर पड़ने की बात सामने आई। इसके बाद मामले की सूचना बलौदा पुलिस को दी गई।
शिक्षा विभाग तक मामला पहुंचने के बाद संबंधित अधिकारी स्तर पर इसकी जांच कराई गई। जांच में सामने आए तथ्यों और प्रधानपाठक के कृत्य को शासकीय सेवक के पद की गरिमा और विद्यालयीन अनुशासन के विपरीत मानते हुए कार्रवाई की गई।
संयुक्त संचालक ने जारी किया निलंबन आदेश
मामले में संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बिलासपुर ने कार्रवाई करते हुए प्रधानपाठक अरविंद साव को निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। साथ ही आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निलंबन अवधि में संबंधित अधिकारी को निर्धारित मुख्यालय में रहना होगा और सक्षम अधिकारी की अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे।
शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई को स्कूलों में अनुशासन और शिक्षकों की जिम्मेदारी से जोड़कर देखा जा रहा है। प्रधानपाठक का पद विद्यालय में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी वाला होता है। ऐसे में स्कूल समय में शराब के नशे में पहुंचने के आरोप को विभाग ने गंभीरता से लिया है।
विद्यार्थियों और परिजनों में जताई गई थी नाराजगी
घटना के बाद विद्यार्थियों और उनके परिजनों में नाराजगी देखी गई। अभिभावकों का कहना था कि स्कूल में बच्चों के सामने शिक्षक का इस तरह नशे की हालत में पहुंचना उचित नहीं है। इससे बच्चों पर गलत प्रभाव पड़ सकता है।
मामले की जानकारी पुलिस को दिए जाने के बाद शिक्षा विभाग ने भी इसे संज्ञान में लिया। विभागीय जांच और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर अब निलंबन की कार्रवाई की गई है।
स्कूलों में अनुशासन को लेकर विभाग सख्त
शिक्षा विभाग द्वारा की गई यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि विद्यालयीन समय में शिक्षकों की लापरवाही या अनुशासनहीनता को लेकर विभाग गंभीर है। खासकर शराब के नशे में स्कूल पहुंचने जैसे मामलों में विभाग द्वारा कठोर कार्रवाई की जा रही है।
अरविंद साव के निलंबन के बाद अब विभागीय स्तर पर आगे की कार्रवाई भी जारी रह सकती है। मामले में यदि विस्तृत जांच में अन्य तथ्य सामने आते हैं तो उसके आधार पर आगे निर्णय लिया जा सकता है।
फिलहाल इस पूरे मामले में सबसे अहम बात यह है कि नवापारा मिडिल स्कूल के प्रधानपाठक अरविंद साव को शराब के नशे में स्कूल पहुंचने के मामले में संयुक्त संचालक शिक्षा संभाग बिलासपुर द्वारा निलंबित कर दिया गया है।

