रोहतक की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने मंगलवार को पड़ोसी जिले झज्जर के रोहद गांव में त्रिवेणी ढाबे के पास खड़ी दो गाड़ियों से अलग-अलग कैलिबर के 25,000 जिंदा कारतूस जब्त किए। इस मामले में एक महिला समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। STF बिहार से मिली गुप्त सूचना के आधार पर, STF रोहतक की एक टीम ने मंगलवार सुबह ढाबे के सामने खड़ी एक टाटा हैरियर और एक हुंडई ऑरा की तलाशी ली। इन दोनों गाड़ियों पर उत्तर प्रदेश के रजिस्ट्रेशन नंबर थे। इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है और उनके पास से आठ मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
एक अधिकारी ने बताया, “तलाशी के दौरान, टीम को टाटा हैरियर से 24,400 कारतूस मिले, जिन पर ‘KF 7.65’ और ‘BMM KF’ के निशान थे। इस गाड़ी में तीन लोग सवार थे। वहीं, हुंडई ऑरा से 600 और कारतूस जब्त किए गए, जिन पर ‘BMM KF’ लिखा था। इस गाड़ी में दो लोग सवार थे। इन लोगों के पास से आठ मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।” पकड़े गए आरोपियों की पहचान अफीफुद्दीन उर्फ मुन्ना खान (49), आसिम रईस (33), सबलू खान (32), अरबाज अली (27) और जीनत (33) के रूप में हुई है। ये सभी उत्तर प्रदेश के बदायूं के रहने वाले हैं।
STF के अनुसार, इनमें से कोई भी व्यक्ति इन कारतूसों के लिए कोई वैध लाइसेंस नहीं दिखा सका। पुलिस ने दोनों गाड़ियां, कारतूस और मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिए हैं। झज्जर के असौदा पुलिस स्टेशन में आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-b)(a) और 25(8) के तहत FIR दर्ज की गई है। STF ने बताया कि यह बरामदगी बिहार पुलिस द्वारा एक दिन पहले की गई कार्रवाई से जुड़ी है। उस मामले में भोजपुर जिले से ‘लाल्टू’ नाम के एक व्यक्ति और उसके साथियों को गिरफ्तार किया गया था, जिनके पास से लगभग 20,000 कारतूस जब्त किए गए थे। बताया जा रहा है कि लाल्टू, अफीफुद्दीन के करीबी संपर्क में था और उसी से उसे ये कारतूस मिले थे। शुरुआती जांच से पता चला है कि अफीफुद्दीन बदायूं के सिविल लाइंस इलाके में कथित तौर पर एक गनहाउस चलाता है। बताया जा रहा है कि वह सिरसा गया था और वहां एक गनहाउस के मालिक से गोला-बारूद हासिल किया था।
बिहार STF और उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ मिलकर आगे की जांच की जा रही है, ताकि गोला-बारूद के स्रोत का पता लगाया जा सके और इसके वितरण नेटवर्क को ट्रेस किया जा सके।

