धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए शनिवार (25 जुलाई 2026) को केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को नया शिक्षा मंत्री नियुक्त किया। उन्हें अपने मौजूदा उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय की भी अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी गई है।
उधर, कॉकरोज जनता पार्टी (CJP) ने स्पष्ट किया है कि उनका आंदोलन केवल यहीं तक सीमित नहीं रहेगा। पार्टी ने घोषणा की कि अब वह देश के अलग-अलग राज्यों में जाकर युवाओं से जुड़े मुद्दों को उठाएगी और उनके समाधान के लिए अभियान चलाएगी।
सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि इस आंदोलन ने साबित कर दिया है कि जब देश के युवा एकजुट होते हैं, तो सरकार को उनकी आवाज सुननी पड़ती है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन खत्म नहीं हुआ है, बल्कि अब इसका दायरा और बढ़ेगा। संगठन देशभर में युवाओं के बीच जाएगा, उनकी समस्याओं को समझेगा, बेहतर नीतियों की मांग करेगा और सरकार से लगातार जवाबदेही भी मांगेगा।
#WATCH | Delhi: Cockroach Janta Party's Chief Spokesperson Saurav Das says, "This is just a trailer. The picture is still to come. The youth of the country have awakened. The youth of the country will solve all the problems in this country. As a party, as a movement, this is… pic.twitter.com/OVDkZsHDld
— ANI (@ANI) July 25, 2026
सौरव दास ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि शुरुआत में सरकार अपने रुख पर अड़ी हुई थी और उसे भरोसा था कि इस्तीफे जैसी स्थिति नहीं बनेगी। लेकिन युवाओं की एकजुटता के सामने आखिरकार सरकार को फैसला बदलना पड़ा। उन्होंने कहा कि यदि युवा संगठित रहें, तो बड़ी से बड़ी सत्ता को भी झुकना पड़ता है।
हालांकि, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद सीजेपी ने नीट परीक्षा विवाद को लेकर चल रहे अपने आंदोलन को औपचारिक रूप से समाप्त करने का ऐलान कर दिया है।
बैठक के बाद भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने सीजेपी प्रतिनिधियों के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार द्वारा स्वीकार किए गए प्रमुख फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नीट परीक्षा रद्द होने के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को नियमों के अनुसार सम्मानजनक मुआवजा दिया जाएगा। साथ ही, आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी एफआईआर वापस लेने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि सरकार ने संगठन की सभी प्रमुख मांगों को स्वीकार कर लिया है। इसी कारण संगठन तत्काल प्रभाव से अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त कर रहा है। उन्होंने आंदोलन में शामिल सभी लोगों से शांतिपूर्वक अपने-अपने घर लौटने की अपील भी की।

