पुणे: महाराष्ट्र के पुणे से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक आध्यात्मिक इन्फ्लुएंसर पर युवती को ‘नेगेटिव एनर्जी’ का डर दिखाकर कथित तौर पर उसकी निजी और अश्लील तस्वीरें मांगने का आरोप लगा है। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद आरोपी इन्फ्लुएंसर को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के मुताबिक, आरोपी सोशल मीडिया पर आध्यात्मिक और धार्मिक विषयों से जुड़ी सामग्री साझा करता था। इसी पहचान के चलते युवती उसके संपर्क में आई। आरोप है कि बातचीत के दौरान आरोपी ने युवती को उसके जीवन में नकारात्मक ऊर्जा और कथित आध्यात्मिक परेशानियों का डर दिखाया।
बताया जा रहा है कि इसके बाद आरोपी ने कथित तौर पर युवती से कुछ निजी तस्वीरें भेजने के लिए कहा। युवती को शक होने पर उसने ऐसा करने से इनकार कर दिया और पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी।
आध्यात्मिक मदद के नाम पर बढ़ाई नजदीकी
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पहले आध्यात्मिक मार्गदर्शन और समस्या का समाधान करने की बात कही। धीरे-धीरे बातचीत व्यक्तिगत विषयों तक पहुंच गई। आरोप है कि युवती को यह विश्वास दिलाया गया कि उसकी परेशानी दूर करने के लिए कुछ विशेष प्रक्रिया जरूरी है।
इसी दौरान आरोपी ने कथित तौर पर युवती से अश्लील तस्वीरें भेजने के लिए कहा। युवती को आरोपी की मंशा पर संदेह हुआ और उसने पुलिस से संपर्क किया।
शिकायत के बाद पुलिस ने की कार्रवाई
युवती की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब आरोपी के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट और युवती के साथ हुई बातचीत की जांच कर रही है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपी ने इससे पहले किसी अन्य महिला या युवती को इसी तरह निशाना बनाया था या नहीं।
सोशल मीडिया पर आध्यात्मिक पहचान
आरोपी की सोशल मीडिया पर आध्यात्मिक इन्फ्लुएंसर के तौर पर पहचान बताई जा रही है। वह कथित तौर पर लोगों को आध्यात्मिक समस्याओं, नकारात्मक ऊर्जा और जीवन से जुड़ी परेशानियों को लेकर सलाह देता था।
इसी प्रभाव का इस्तेमाल कर युवती को डराने और निजी तस्वीरें हासिल करने की कोशिश का आरोप है। पुलिस मामले में डिजिटल साक्ष्यों को भी जांच का अहम हिस्सा मान रही है।
पुलिस जांच में सामने आएगी पूरी सच्चाई
फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले से जुड़े डिजिटल साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस यह भी जांच करेगी कि तस्वीरें मांगने के पीछे आरोपी की वास्तविक मंशा क्या थी और क्या उसने किसी तरह की धमकी या दबाव बनाया था।
इस घटना ने सोशल मीडिया पर आध्यात्मिक सलाह और ऑनलाइन संपर्क के नाम पर लोगों को सावधान रहने की जरूरत को एक बार फिर सामने ला दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति को निजी तस्वीरें या संवेदनशील जानकारी ऑनलाइन साझा करने से पहले पूरी सावधानी बरतनी चाहिए।
नोट: मामले में लगाए गए आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही होगी।

