छतरपुर: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। मातगुवां थाना क्षेत्र के पिपोरा खुर्द गांव में एक ही परिवार की तीन सगी बहनों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों के मुताबिक, बच्चियों ने रात में बैंगन का भरता और रोटी खाई थी। इसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और उल्टी सहित अन्य परेशानी के बाद तीनों की मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में मातम और सनसनी का माहौल है।
मृत बच्चियों की पहचान पूनम कुशवाहा, मनीषा कुशवाहा और 9 माह की चाहत के रूप में हुई है। अलग-अलग रिपोर्टों में बड़ी दोनों बच्चियों की उम्र को लेकर अंतर है, इसलिए उनकी उम्र की अंतिम पुष्टि आधिकारिक रिकॉर्ड और जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
रात में खाया था बैंगन का भरता और रोटी
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार शुक्रवार रात परिवार के करीब 10 से 15 सदस्यों ने बैंगन का भरता और रोटी खाई थी। इसके बाद शनिवार सुबह बच्चियों की तबीयत खराब होने लगी। रिपोर्टों के मुताबिक, एक बच्ची को उल्टी हुई और देखते ही देखते तीनों की हालत बिगड़ गई।
सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि एक ही भोजन खाने वाले परिवार के अन्य सदस्यों में वैसी गंभीर स्थिति सामने नहीं आई। इसी वजह से पुलिस और प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए मौत के वास्तविक कारणों की जांच शुरू कर दी है।
बिना पोस्टमार्टम के दफना दिए गए थे शव
बच्चियों की मौत के बाद परिजनों ने उनके शवों को दफना दिया था। बाद में जब पुलिस-प्रशासन को घटना की जानकारी मिली तो मामले की गंभीरता को देखते हुए शवों को कब्र से बाहर निकलवाने की कार्रवाई की गई।
कलेक्टर के निर्देश पर पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव पहुंची। इसके बाद दफनाए गए तीनों शवों को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि बच्चियों की मौत वास्तव में फूड पॉइजनिंग से हुई थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण था।
खाने के सैंपल भी जांच के लिए भेजे गए
मामले में केवल पोस्टमार्टम ही नहीं, बल्कि खाने की सामग्री की भी जांच कराई जा रही है। पुलिस, खाद्य विभाग और फॉरेंसिक टीम ने घर में मौजूद भोजन के नमूने लिए हैं। बैंगन के भरते, रोटियों और अन्य संदिग्ध खाद्य पदार्थों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं।
प्रशासन यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि खाने में किसी जहरीले पदार्थ की मौजूदगी थी या नहीं। इसके अलावा बच्चियों की मौत किसी बीमारी, संक्रमण, विषाक्त पदार्थ या किसी अन्य वजह से हुई, इसकी भी जांच की जा रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी मौत की असली वजह
फिलहाल बच्चियों की मौत को सीधे तौर पर जहरीला खाना या फूड पॉइजनिंग बताना जल्दबाजी होगी। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, विसरा जांच और खाद्य पदार्थों की फॉरेंसिक रिपोर्ट सामने आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। खासतौर पर इस बात पर ध्यान दिया जा रहा है कि अगर परिवार के कई सदस्यों ने एक ही खाना खाया था तो गंभीर असर सिर्फ तीन बच्चियों पर ही क्यों पड़ा।
परिवार में पसरा मातम
एक ही परिवार की तीन बेटियों की मौत से पिपोरा खुर्द गांव में शोक की लहर है। जिन बच्चियों की उम्र खेलने और पढ़ने की थी, उनकी एक साथ मौत ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है।
फिलहाल पुलिस प्रशासन की नजर पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट पर है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ होगा कि तीनों बहनों की मौत का कारण वास्तव में भोजन था या कोई अन्य परिस्थितियां इसके पीछे जिम्मेदार थीं।
महत्वपूर्ण: इस घटना में अभी मौत की अंतिम वजह आधिकारिक रूप से सामने नहीं आई है। इसलिए इसे “जहरीला खाना खाने से मौत” के रूप में अंतिम निष्कर्ष की तरह नहीं, बल्कि संदिग्ध परिस्थितियों में मौत और भोजन की जांच के रूप में देखा जाना चाहिए।

