मृतका एकता की जिंदगी पिछले कुछ वर्षों से दुखों के भंवर में फंसी हुई थी। एकता अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी। महज एक-एक साल के अंतराल में उसने अपने माता-पिता को खो दिया था। माता-पिता के जाने के बाद उसका पति आलोक उर्फ बबलू ही उसका एकमात्र सहारा और पूरी दुनिया था। एकता अपने पति के साथ मायके में ही रहती थी। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था, बीते 2 मार्च को दिल का दौरा पड़ने से पति आलोक की भी अचानक मौत हो गई।
शुक्रवार को एकता के पति का तेरहवीं संस्कार संपन्न हुआ था। घर में रिश्तेदारों और अपनों की भीड़ जमा थी, जिससे एकता का ध्यान कुछ हद तक बंटा हुआ था। लेकिन जैसे ही शनिवार सुबह भीड़ छंटी और घर में सन्नाटा पसरा, एकता के भीतर का एकाकीपन और मानसिक अवसाद चरम पर पहुंच गया। उसे अपना भविष्य अंधकारमय नजर आने लगा। इसी मानसिक स्थिति में उसने अपने मोबाइल का कैमरा ऑन किया और अपनी अंतिम इच्छाएं और पीड़ा रिकॉर्ड की। एकता ने वीडियो में सिसकते हुए कहा, “एक लड़की के तीन सहारे होते हैं—मां, बाप और पति। मेरे पास अब कोई नहीं बचा है। सब कहते हैं कि आगे सब अच्छा होगा, पर इससे बुरा और क्या होगा? मैं अपने पति के बिना नहीं जी सकती, मेरा अंतिम संस्कार अच्छे से कर देना।” वीडियो पोस्ट करने के कुछ ही देर बाद उसने पंखे से फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। जब तक उसके चचेरे भाई निकेत ने स्टेटस देखा और आनन-फानन में घर पहुंचा, तब तक एकता की सांसें थम चुकी थीं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है।

