Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर में निर्माणाधीन स्काईवॉक परियोजना को लेकर कांग्रेस ने गंभीर लापरवाही, तकनीकी खामियों और कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री कन्हैया अग्रवाल और असंगठित क्षेत्र समस्या निवारण प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद सिद्दीक के नेतृत्व में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लालबहादुर शास्त्री की प्रतिमा के समीप आयोजित किया गया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी की और निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की। तख्तियों पर स्काईवॉक निर्माण में गड़बड़ी और जन सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि स्काईवॉक पहले से ही अनुपयोगी था और अब यह आम जनता के लिए खतरा बनता जा रहा है। प्रदेश महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने कहा कि स्काईवॉक निर्माण में गंभीर लापरवाही की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में बेहद निम्न गुणवत्ता की सामग्री का उपयोग हो रहा है और अफसरों तथा ठेकेदारों के बीच मिलीभगत के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। उनके अनुसार, लंबे समय से खुले में पड़े रहने के कारण लोहे के ढांचों में जंग लग चुकी है और कई स्थानों पर नट-बोल्ट ढीले होकर नीचे गिर रहे हैं, जिससे राहगीरों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। उन्होंने यह भी कहा कि हल्की हवा चलने पर भी पूरा ढांचा हिलता है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि निर्माण मानकों की अनदेखी की गई है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह स्थिति किसी बड़े हादसे को आमंत्रण दे सकती है और प्रशासन को तत्काल इस पर संज्ञान लेना चाहिए।
छग प्रदेश असंगठित क्षेत्र समस्या निवारण प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद सिद्दीक ने कहा कि इस पूरे मामले को लेकर उपमुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग मंत्री अरुण साव को जल्द ही ज्ञापन सौंपा जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दोषी अधिकारियों और संबंधित ठेकेदारों पर कार्रवाई नहीं की गई तथा निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो कांग्रेस मंत्री के बंगले का घेराव करने से पीछे नहीं हटेगी। कांग्रेस नेताओं ने यह भी मांग की कि इस पूरे निर्माण कार्य की जांच किसी स्वतंत्र और निष्पक्ष एजेंसी से कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके और जनता की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि यह मामला केवल निर्माण की गुणवत्ता का नहीं बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है।
प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने शासन-प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और स्काईवॉक निर्माण कार्य को तत्काल रोकने या उसकी तकनीकी समीक्षा कराने की मांग उठाई। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इस मामले में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन जनता की सुरक्षा और पारदर्शिता के लिए जारी रहेगा और इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

