मेरठ। बारिश हो, गर्मी हो या कड़ाके की ठंड… ऑनलाइन ऑर्डर समय पर पहुंचाने के लिए सड़कों पर दौड़ते डिलीवरी पार्टनर्स की जिंदगी कितनी मुश्किल है, इसका अंदाजा मेरठ की एक घटना से लगाया जा सकता है। यहां महज डिलीवरी में देरी को लेकर एक डिलीवरी बॉय के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई और उसे फ्लैट के अंदर करीब तीन मिनट तक बंद रखा गया।
घटना भावनपुर थाना क्षेत्र के गंगानगर स्थित गंगा हाइट्स की बताई जा रही है। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। फुटेज में एक युवक डिलीवरी बॉय से बहस करता, उसे थप्पड़ मारता और फिर फ्लैट के अंदर ले जाता दिखाई दे रहा है।
पहले बहस, फिर थप्पड़ों की बरसात
रिपोर्ट के मुताबिक डिलीवरी बॉय खाना लेकर गंगा हाइट्स पहुंचा था। डिलीवरी को लेकर ग्राहक और डिलीवरी बॉय के बीच कहासुनी हुई। आरोप है कि इसके बाद युवक ने डिलीवरी बॉय के साथ मारपीट शुरू कर दी।
सीसीटीवी फुटेज में युवक को डिलीवरी बॉय को धमकाते हुए देखा और सुना जा सकता है। इसके बाद उसका फोन ले लिया गया और उसे फ्लैट के अंदर ले जाया गया।
तीन मिनट तक फ्लैट में बंद रहा डिलीवरी बॉय
सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि डिलीवरी बॉय को कथित तौर पर फ्लैट के अंदर करीब तीन मिनट तक बंद रखा गया। इस दौरान भी उसे धमकाने का आरोप है।
कुछ देर बाद जब उसे बाहर आने दिया गया, तब भी डिलीवरी को लेकर उससे सवाल-जवाब किए गए। पूरी घटना कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। पीड़ित ने बाद में पुलिस से शिकायत की।
डिलीवरी बॉय का कसूर-
सिर्फ इतना कि वह सामान लाने में लेट हो गया. गेट पर पहुंचा, घंटी बजाई. रिसीवर रेडी था. फट से दरवाजा खुला और डिलीवरी बॉय कुछ कह पाता उससे पहले ही उसकी कनपटी पर झापड़ मारने का सिलसिला शुरू हो गया. धक्के मारे और फिर फ्लैट के अंदर बंद करके उसकी पिटाई की गयी.… pic.twitter.com/zGgVyw9vSr
— Narendra Pratap (@hindipatrakar) August 15, 2026
आरोपी गिरफ्तार, डिलीवरी बॉयज ने जताया विरोध
घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों में नाराजगी देखने को मिली। डिलीवरी पार्टनर्स की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे। बाद की रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस ने डिलीवरी बॉय की पिटाई के आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के विरोध में डिलीवरी बॉयज की ओर से हड़ताल का ऐलान किए जाने की भी खबर है।
संसद में राघव चड्ढा ने भी उठाया था मुद्दा
मेरठ की घटना ऐसे समय सामने आई है जब डिलीवरी पार्टनर्स की सुरक्षा और काम के दबाव को लेकर पहले से बहस चल रही है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने दिसंबर 2025 में राज्यसभा में गिग वर्कर्स और डिलीवरी कर्मचारियों की स्थिति का मुद्दा उठाया था।
उन्होंने 10 मिनट में डिलीवरी के दबाव पर सवाल उठाते हुए कहा था कि डिलीवरी कर्मचारी कोई रोबोट नहीं हैं और उन्हें अपनी जान जोखिम में डालकर समय सीमा पूरी करने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कर्मचारियों की सुरक्षा, उचित मेहनताना और सामाजिक सुरक्षा की जरूरत पर भी जोर दिया था।
इसके बाद जनवरी 2026 में राघव चड्ढा खुद एक दिन Blinkit डिलीवरी एजेंट बनकर सड़क पर उतरे और डिलीवरी पार्टनर्स की रोजमर्रा की परेशानियों को करीब से समझने की कोशिश की।
सवाल सिर्फ एक डिलीवरी बॉय का नहीं
मेरठ की यह घटना एक बड़े सवाल को सामने लाती है—क्या किसी ग्राहक को डिलीवरी में देरी होने पर किसी कर्मचारी के साथ मारपीट करने का अधिकार मिल जाता है?
डिलीवरी पार्टनर्स रोजाना ट्रैफिक, मौसम, समय के दबाव और ग्राहकों की अपेक्षाओं के बीच काम करते हैं। ऐसे में उनके साथ होने वाली बदसलूकी और हिंसा पर सख्त व्यवस्था की जरूरत महसूस होती है।
एक तरफ उनसे समय पर सामान पहुंचाने की उम्मीद की जाती है, दूसरी तरफ अगर कुछ मिनट की देरी हो जाए तो क्या उन्हें मारपीट और अपमान का सामना करना पड़ेगा? मेरठ की घटना ने इसी सवाल को फिर सामने ला दिया है।
(The above story first appeared on cgtop36.com on 16 August 2026. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website cgtop36.com).

