प्रतीकात्मक तस्वीर (File Photo)
नई दिल्ली: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज के लिए देश के कई हिस्सों में तीव्र बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है. सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव के कारण उत्तर-पश्चिम भारत और मध्य प्रदेश में मौसम का मिजाज बदलने की उम्मीद है. आईएमडी के अनुसार, अगले पांच दिनों तक उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के अधिकांश हिस्सों में तापमान सामान्य या उससे नीचे बना रहेगा, जिसके बाद इसमें धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी.
उत्तर भारत और पहाड़ी राज्यों में अलर्ट
पहाड़ी राज्यों में मौसम विभाग (India Meteorological Department) ने विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है. हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में आज (8 अप्रैल) भारी बारिश (Heavy Rain) की संभावना जताई गई है. वहीं, शिमला (Shimla) में 1 से 3.5 मिमी तक बारिश होने का अनुमान है. मैदानी इलाकों की बात करें तो राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी बादल बरसने की उम्मीद है. निजी मौसम पूर्वानुमान सेवा ‘विंडी’ के अनुसार, दिल्ली में आज 4.2 मिमी तक बारिश हो सकती है.
महानगरों का हाल: मुंबई से कोलकाता तक
देश के अन्य प्रमुख महानगरों में भी मौसम के अलग-अलग रूप देखने को मिलेंगे:
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- मुंबई: वित्तीय राजधानी में बुधवार को बहुत हल्की बारिश (लगभग 3 मिमी) होने का अनुमान लगाया गया है.
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- कोलकाता: पूर्वी भारत में तीव्र बारिश और गरज के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है. कोलकाता में 3 से 6 मिमी तक बारिश हो सकती है.
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- चेन्नई: दक्षिण भारत के इस महानगर में भी 3 मिमी की हल्की वर्षा दर्ज की जा सकती है.
मुंबई का मौसम आज, 8 अप्रैल
दिल्ली का मौसम आज, 8 अप्रैल
चेन्नई का मौसम आज, 8 अप्रैल
बेंगलुरु का मौसम आज, 8 अप्रैल
हैदराबाद का मौसम आज, 8 अप्रैल
कोलकाता का मौसम आज, 8 अप्रैल
शिमला का मौसम आज, 8 अप्रैल
बेंगलुरु और हैदराबाद में शुष्क रहेगा मौसम
जहां उत्तर और पूर्वी भारत में बारिश की संभावना है, वहीं दक्षिण भारत के दो प्रमुख शहरों—बेंगलुरु और हैदराबाद—में मौसम के शुष्क रहने के आसार हैं. विंडी (Windy) की रिपोर्ट के अनुसार, आज 8 अप्रैल को इन दोनों शहरों में बारिश की कोई संभावना नहीं जताई गई है.
ओलावृष्टि और ठंडी हवाओं का प्रभाव
मौसम विभाग ने पूर्वी भारत में आज ओलावृष्टि, गरज के साथ छींटे और बिजली गिरने की आशंका जताई है। इस मौसमी बदलाव के कारण लोगों को तपती गर्मी से फिलहाल राहत मिलेगी. हालांकि, किसानों को सलाह दी गई है कि वे ओलावृष्टि को देखते हुए अपनी फसलों का ध्यान रखें.

