नीट 2026 (Photo Credits: File Image)
नई दिल्ली, 22 मई: NEET-UG 2026 पेपर लीक (Paper Leak) मामले को लेकर मचे देशव्यापी बवाल के बीच संसद की एक स्थायी समिति ने इस विषय पर कड़ा रुख अपनाया है. गुरुवार को आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में संसदीय समिति ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (National Testing Agency) (NTA) के महानिदेशक (DG) अभिषेक सिंह और शिक्षा सचिव विनीत जोशी को तलब कर पेपर लीक जांच की मौजूदा स्थिति पर विस्तृत अपडेट मांगा. इसके साथ ही समिति के सदस्यों ने भविष्य में इस तरह की गंभीर घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों पर भी तीखे सवाल किए. सूत्रों के मुताबिक, एनटीए प्रमुख ने समिति को सूचित किया कि यह लीक उनकी आंतरिक प्रणाली (System) से नहीं हुआ है और केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है. यह भी पढ़ें: NEET परीक्षा में बड़ा बदलाव: अगले साल से कंप्यूटर आधारित होगी परीक्षा, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का बड़ा ऐलान
अगले साल से कंप्यूटर आधारित होगी नीट परीक्षा
संसदीय समिति के सदस्यों ने परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के उपायों पर जोर दिया। बैठक में इस बात पर विशेष रूप से चर्चा हुई कि चूंकि NEET-UG—जो देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाओं में से एक है—अगले साल से पूरी तरह कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) मोड में स्थानांतरित हो रही है, इसलिए इसके बुनियादी ढांचे (Infrastructure), परीक्षा की आवृत्ति (Frequency) और अवधि को कैसे अधिक मजबूत और फुलप्रूफ बनाया जाए.
शिक्षा, महिला, बाल, युवा और खेल संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने एएनआई (ANI) से बातचीत में कहा कि बैठक बहुत सकारात्मक रही और इसमें सभी सदस्यों से महत्वपूर्ण इनपुट मिले हैं. उन्होंने कहा कि एनटीए परीक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर सभी सदस्य “बेहद चिंतित” हैं, हालांकि उन्होंने जांच की संवेदनशीलता को देखते हुए फिलहाल विशिष्ट विवरण साझा करने से इनकार कर दिया.
राधाकृष्णन समिति की 75% सिफारिशें लागू
सूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान एनटीए में सुधारों के लिए गठित की गई डॉ. के. राधाकृष्णन समिति की रिपोर्ट के क्रियान्वयन की स्थिति की भी समीक्षा की गई. अधिकारियों ने समिति को बताया कि इस सुधार रिपोर्ट की लगभग 75 प्रतिशत सिफारिशों को धरातल पर लागू किया जा चुका है.
इसके अलावा, संगठन को प्रशासनिक रूप से मजबूत करने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई. अधिकारियों ने स्वीकार किया कि वर्तमान में एजेंसी में लगभग 25 प्रतिशत पद रिक्त हैं, जिन्हें भरने के लिए आवश्यक नियुक्तियां शुरू कर दी गई हैं और जरूरत के अनुसार आगे भी कदम उठाए जाएंगे.
एआई (AI) के प्रभाव और शिक्षण संस्थानों पर भी मंथन
इस महत्वपूर्ण बैठक का दायरा केवल परीक्षा सुधारों तक ही सीमित नहीं था. समिति ने शिक्षा क्षेत्र पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते प्रभाव और तकनीकी प्रगति के इस दौर में छात्रों की रोजगार क्षमता (Employability) बढ़ाने की रणनीतियों पर भी विचार-विमर्श किया.
इसके साथ ही, बैठक में दो प्रमुख रिपोर्टों पर विचार किया गया, जिसमें महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अनुदान की मांगें (2025-26) और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत शिक्षकों की क्षमता निर्माण को लेकर राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (NCTE) के कामकाज की समीक्षा शामिल थी. सूत्रों ने बताया कि समिति ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (AMU) और राष्ट्रीय अल्पसंख्यक शैक्षणिक संस्थान आयोग (NCMEI) की वित्तीय बाधाओं, आरक्षण के कार्यान्वयन और प्रशासनिक रिक्तियों जैसी चुनौतियों पर भी विस्तृत चर्चा की. यह भी पढ़ें: NEET (UG) 2026 की नई तारीख घोषित: पेपर लीक विवाद के बाद NTA का फैसला, अब 21 जून को होगी परीक्षा
21 जून को होगी दोबारा परीक्षा
उल्लेखनीय है कि 3 मई को देश के 551 शहरों और विदेशों के 14 शहरों में आयोजित हुई नीट-यूजी परीक्षा को पेपर लीक के पुख्ता आरोपों के बाद 12 मई को रद्द कर दिया गया था. इस परीक्षा में देश भर के 22 लाख से अधिक उम्मीदवार शामिल हुए थे, जिसके चलते देश भर में भारी राजनीतिक तनाव और छात्रों के विरोध प्रदर्शन देखने को मिले हैं. केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने स्थिति को संभालते हुए अब आगामी 21 जून को इस परीक्षा को दोबारा (Re-examination) आयोजित करने का फैसला किया है, जिसके लिए सुरक्षा और निगरानी के अभूतपूर्व इंतजाम किए जा रहे हैं.

