नवा रायपुर के माना-तूता क्षेत्र में निर्माणाधीन चित्रोत्पला फिल्म सिटी को लेकर विवाद बढ़ा। ग्रामीणों ने पेड़ों को बचाने के लिए किया विरोध, कांग्रेस नेताओं ने भी पुलिस कार्रवाई पर जताई आपत्ति।
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के नवा रायपुर स्थित माना-तूता क्षेत्र में निर्माणाधीन चित्रोत्पला फिल्म सिटी के लिए पेड़ों की कटाई को लेकर एक बार फिर विवाद सामने आया है। मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को निर्माण स्थल पर पेड़ काटे जाने की जानकारी मिलने के बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कटाई का विरोध किया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनातनी की स्थिति बनी। पुलिस ग्रामीणों को अपने साथ माना थाने ले गई। हालांकि, बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।
विरोध के बाद फिर शुरू हुई पेड़ों की कटाई
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, माना-तूता क्षेत्र में फिल्म सिटी के निर्माण के लिए पेड़ों की कटाई का पहले भी विरोध हो चुका है। विरोध के बाद कुछ समय के लिए कटाई रोक दी गई थी, लेकिन मंगलवार को दोबारा पेड़ काटे जाने की सूचना पर ग्रामीण मौके पर पहुंच गए।
ग्रामीणों ने पेड़ों को बचाने के लिए उन्हें पकड़कर कटाई रोकने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस के साथ उनकी बहस और धक्का-मुक्की की स्थिति भी बनी। रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस करीब 10 ग्रामीणों को माना थाने ले गई। सूचना मिलने के बाद कांग्रेस के स्थानीय नेता और कार्यकर्ता भी थाने पहुंचे तथा ग्रामीणों को हिरासत में लिए जाने का विरोध किया। बाद में ग्रामीणों को छोड़ दिया गया।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में फ़िल्म सिटी का निर्माण हो रहा है. इसके लिए ऐसी ज़मीन का चयन किया गया है, जहां बड़ी संख्या में पेड़ हैं. विरोध के बाद पेड़ों की कटाई रोक दी गई थी.
आज फिर पेड़ों की कटाई शुरु हुई. विरोध करने वाले ग्रामीणों को पुलिस ने हिरासत में लिया है.
एक पेड़… https://t.co/8P6tkif5Jz
— Alok Putul (@thealokputul) October 27, 2026
30 से 40 साल पुराने पेड़ काटे जाने का दावा
ग्रामीणों का कहना है कि फिल्म सिटी के निर्माण के लिए जिस क्षेत्र को विकसित किया जा रहा है, वहां बड़ी संख्या में पुराने पेड़ मौजूद हैं। उनके मुताबिक, इनमें से कई पेड़ लगभग 30 से 40 साल पुराने हैं।
ग्रामीणों को आशंका है कि निर्माण कार्य के लिए बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई से क्षेत्र की हरियाली और पर्यावरण प्रभावित हो सकता है।
ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि वे फिल्म सिटी के निर्माण के विरोध में नहीं हैं। उनकी मांग है कि विकास परियोजना के लिए ऐसा विकल्प तलाशा जाए, जिससे पुराने पेड़ों को बचाया जा सके।
क्या है चित्रोत्पला फिल्म सिटी परियोजना?
नवा रायपुर के माना-तूता क्षेत्र में चित्रोत्पला फिल्म सिटी के साथ ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर विकसित करने की योजना है। इसका उद्देश्य छत्तीसगढ़ में फिल्म निर्माण को बढ़ावा देना, राज्य को शूटिंग के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना और पर्यटन के साथ रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
परियोजना के तहत फिल्म सिटी के लिए 95.79 करोड़ रुपये और ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के लिए 52.03 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत होने की जानकारी मीडिया रिपोर्टों में दी गई है। फिल्म सिटी में फिल्मों और वेब सीरीज की शूटिंग के लिए आधुनिक सुविधाएं तथा विभिन्न प्रकार के स्थायी सेट विकसित करने की योजना है।
पर्यटन बोर्ड ने क्या कहा?
पेड़ों की कटाई को लेकर उठ रहे सवालों के बीच छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की ओर से पहले यह कहा गया था कि निर्माण के लिए आवश्यक स्थान पर नियमानुसार पेड़ों को हटाया जा रहा है। मंडल ने परियोजना परिसर में पौधारोपण और हरित क्षेत्र विकसित करने की बात भी कही है।
2 अक्टूबर 2026 को फिल्म सिटी परिसर में पौधारोपण अभियान आयोजित किए जाने की रिपोर्ट भी सामने आई थी। हालांकि, पौधारोपण की पहल के बावजूद पुराने पेड़ों की कटाई को लेकर ग्रामीणों की चिंताएं बनी हुई हैं।
विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच बढ़ा विवाद
चित्रोत्पला फिल्म सिटी को छत्तीसगढ़ में फिल्म निर्माण, पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा देने वाली महत्वपूर्ण परियोजना के रूप में देखा जा रहा है। दूसरी ओर, स्थानीय ग्रामीण चाहते हैं कि परियोजना को आगे बढ़ाते समय क्षेत्र के पुराने पेड़ों और प्राकृतिक हरियाली को भी सुरक्षित रखा जाए।
फिलहाल इस पूरे मामले में दो प्रमुख सवाल हैं—निर्माण के लिए कितने पेड़ों की कटाई की जा रही है और क्या पेड़ों को बचाने के लिए किसी वैकल्पिक योजना पर विचार किया जा सकता है?

