बिलासपुर। CG : जिले में साइबर ठगों ने बुजुर्गों को निशाना बनाने का नया तरीका अपनाया है। सोशल मीडिया पर सीनियर सिटीजन पेंशन कार्ड का फर्जी विज्ञापन दिखाकर 70 वर्षीय बुजुर्ग को 11 लाख 29 हजार रुपए की चपत लगा दी गई। ठगों ने आईसीआईसीआई बैंक के लोगो वाले विज्ञापन के जरिए भरोसा जीता और पेंशन कार्ड बनवाने के नाम पर बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद महज 9 ट्रांजेक्शन में खाते से पूरी रकम पार कर दी गई। पीड़ित की शिकायत पर सिविल लाइन पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बिलासपुर के उसलापुर स्थित अलका एवेन्यू निवासी 70 वर्षीय पवन चक्रवर्ती साइबर ठगी का शिकार हुए हैं। जानकारी के मुताबिक, 11 अक्टूबर को उनके सोशल मीडिया अकाउंट पर आईसीआईसीआई बैंक के लोगो वाला सीनियर सिटीजन पेंशन कार्ड का विज्ञापन दिखाई दिया। विज्ञापन देखकर उन्होंने लिंक पर क्लिक किया, जिसके कुछ देर बाद एक अज्ञात मोबाइल नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को अधिकृत प्रतिनिधि बताया और पेंशन कार्ड जारी करने का झांसा देकर पैन कार्ड नंबर और एटीएम कार्ड से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल कर ली। विज्ञापन पर भरोसा करना बुजुर्ग को भारी पड़ गया। जानकारी मिलते ही ठग ने उनके बैंक खाते को निशाना बनाया और 9 अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 11 लाख 29 हजार रुपए निकाल लिए। खाते से बड़ी रकम निकलने के बाद पीड़ित को ठगी का अहसास हुआ और उन्होंने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई।

साइबर ठगी के इस मामले में सिविल लाइन पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर लिया है। पुलिस मोबाइल नंबर और बैंक खातों से जुड़े विवरण के आधार पर जांच कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर दिखने वाले बैंक और पेंशन योजनाओं से जुड़े विज्ञापनों की सत्यता जांचने की जरूरत को सामने ला दिया है। लोगों को सावधान रहने की जरूरत है कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ पैन कार्ड नंबर, एटीएम कार्ड की गोपनीय जानकारी, ओटीपी या बैंकिंग विवरण साझा न करें। किसी भी पेंशन योजना या बैंकिंग सुविधा के नाम पर आने वाले संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से पहले संबंधित बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या शाखा से जानकारी जरूर लें।


