रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा का पांच दिवसीय मानसून सत्र सोमवार (13 जुलाई) से शुरू हो गया है। यह सत्र 17 जुलाई तक चलेगा और इस दौरान सदन की कुल पांच बैठकें आयोजित होंगी। सत्र के हंगामेदार रहने के आसार हैं, क्योंकि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने अपनी-अपनी रणनीति तैयार कर ली है। विपक्ष कांग्रेस कानून-व्यवस्था, किसानों की समस्याओं, बिजली-पानी, सड़क, नकटी भूमि विवाद और अन्य जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
विधानसभा सचिवालय के अनुसार, इस मानसून सत्र के लिए विधायकों की ओर से 1,033 प्रश्न लगाए गए हैं। इनमें विभागवार सवालों के जरिए सरकार से जवाब मांगे जाएंगे। पहले चार दिनों में प्रश्नकाल और शासकीय कार्य होंगे, जबकि अंतिम दिन आवश्यक विधायी और अन्य कार्यों पर चर्चा की जाएगी।
सत्र के दौरान सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक और वित्तीय विषय सदन में पेश कर सकती है। वहीं विपक्ष राज्य की कानून-व्यवस्था, किसानों की समस्याएं, अधूरी विकास योजनाएं, बिजली-पानी संकट और मानसून से जुड़ी तैयारियों जैसे मुद्दों पर सरकार को कटघरे में खड़ा करेगा। कांग्रेस ने सत्र के दौरान सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का भी फैसला किया है, जिससे सदन में राजनीतिक टकराव और तेज होने की संभावना है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि पांच दिन का यह सत्र कई अहम मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस का गवाह बन सकता है। राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े जनहित के विषयों पर चर्चा होने के साथ-साथ कई विभागों की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा होगी।

