धमतरी। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) की स्वीकृत सूची से 142 हितग्राहियों में से 90 लोगों के नाम हटाए जाने के विरोध में मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्टोरेट पहुंच गए। दो ट्रैक्टर और कई वाहनों से पहुंचे ग्रामीणों ने कलेक्टोरेट परिसर में करीब डेढ़ घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया और प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव के कई पात्र हितग्राहियों के नाम सूची से हटा दिए गए हैं, जबकि सरपंच और उपसरपंच सहित कुछ ऐसे लोगों के नाम सूची में शामिल हैं, जिनके पास पहले से पक्के मकान हैं। इससे पात्र परिवारों को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
दोपहर करीब 12 बजे से शुरू हुए प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष तारिणी चंद्राकर के नेतृत्व में ग्रामीणों ने कलेक्टर से मुलाकात की मांग की। लगभग 15 मिनट बाद अपर कलेक्टर इंदिरा सिंह ने ग्रामीणों का ज्ञापन लिया और मामले की जांच का आश्वासन दिया। इसके बावजूद ग्रामीण कलेक्टोरेट परिसर में धरने पर बैठे रहे।
स्थिति को देखते हुए मौके पर डीएसपी, सिटी पुलिस, कोतवाली थाना पुलिस और अन्य पुलिस बल तैनात किया गया। प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाइश दी, जिसके बाद तहसीलदार कुसुम प्रधान और नायब तहसीलदार ने ग्रामीणों से चर्चा की। अधिकारियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और पात्र हितग्राहियों को न्याय दिलाने का भरोसा दिलाया।
ग्रामीणों का आरोप है कि सूची में भारी गड़बड़ी की गई है। उनका कहना है कि गांव में कुल 142 पात्र लोगों में से 90 लोगों के नाम काट दिए गए, जबकि केवल 52 लोगों के नाम सूची में रखे गए हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही जांच कर पात्र लोगों के नाम दोबारा नहीं जोड़े गए तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

