महासमुंद। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में त्योहारों से पहले खाद्य सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन, राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने भलेसर रोड स्थित वैद्य फूड में देर रात छापेमारी कर करीब 200 किलो संदिग्ध पनीर जब्त किया है। अधिकारियों को यहां कथित तौर पर एनालॉग पनीर के निर्माण और बिक्री की शिकायत/आशंका मिली थी।
आधी रात को पहुंची टीम, करीब तीन घंटे चली जांच
मिली जानकारी के मुताबिक, संयुक्त टीम रविवार देर रात करीब 12 बजे भलेसर रोड स्थित वैद्य फूड परिसर में पहुंची। टीम ने यहां लगभग तीन घंटे तक निरीक्षण और जांच की।
जांच के दौरान अधिकारियों ने मौके पर पनीर तैयार होते हुए पाया। पनीर की गुणवत्ता और उसमें इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल को लेकर संदेह होने पर अधिकारियों ने बड़ी मात्रा में तैयार पनीर को जब्त कर लिया।
200 किलो पनीर जब्त, सैंपल की जांच होगी
कार्रवाई के दौरान करीब 200 किलो पनीर जब्त किए जाने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों ने पनीर तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल और निर्माण प्रक्रिया से संबंधित जानकारी भी जुटाई है।
अब जब्त किए गए पनीर और संबंधित सामग्री के नमूनों की जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उत्पाद खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप है या नहीं।
क्या होता है एनालॉग पनीर?
एनालॉग पनीर सामान्य डेयरी पनीर से अलग उत्पाद होता है। इसमें दूध से प्राप्त सामग्री के बजाय या उसके साथ अन्य गैर-दुग्ध सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है। समस्या तब पैदा होती है जब ऐसे उत्पाद को उपभोक्ताओं के सामने सामान्य डेयरी पनीर के रूप में पेश किया जाए।
खाद्य सुरक्षा से जुड़े अधिकारियों की कार्रवाई का उद्देश्य ऐसे उत्पादों की गुणवत्ता, इस्तेमाल किए गए कच्चे माल और उनकी लेबलिंग की जांच करना है।
त्योहारों से पहले खाद्य सुरक्षा पर बढ़ी निगरानी
त्योहारी सीजन को देखते हुए खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए प्रशासन की निगरानी बढ़ गई है। पनीर, खोवा, मिठाई, घी और अन्य डेयरी उत्पादों की मांग त्योहारों के दौरान बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा संदिग्ध निर्माण और बिक्री केंद्रों की जांच की जा रही है।
हाल ही में महासमुंद में हुई कार्रवाई भी इसी अभियान का हिस्सा बताई जा रही है। एक अन्य रिपोर्ट में इसी कार्रवाई से जुड़े परिसर में करीब 300 किलो तैयार पनीर मिलने और तीन एकड़ में फैले निर्माण परिसर की जांच का उल्लेख किया गया है।
रिपोर्ट आने के बाद होगी आगे की कार्रवाई
फिलहाल प्रशासन ने संदिग्ध पनीर और संबंधित सामग्री को जांच के लिए सुरक्षित किया है। खाद्य नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद यह तय होगा कि संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों की जांच में यह भी देखा जाएगा कि पनीर बनाने में कौन-कौन से कच्चे माल का इस्तेमाल किया जा रहा था, उत्पाद की गुणवत्ता कैसी थी और उसे किस नाम से बाजार में बेचा जा रहा था।
उपभोक्ताओं के लिए जरूरी सावधानी
त्योहारी सीजन में पनीर खरीदते समय उपभोक्ताओं को भरोसेमंद और लाइसेंस प्राप्त दुकानों से ही खरीदारी करनी चाहिए। पैकेट वाले पनीर पर FSSAI लाइसेंस नंबर, निर्माण तिथि, इस्तेमाल की गई सामग्री और अन्य जरूरी जानकारी जरूर देखनी चाहिए। खुले और बिना लेबल वाले संदिग्ध डेयरी उत्पाद खरीदने से बचना बेहतर है।
फिलहाल महासमुंद में हुई इस कार्रवाई की जांच जारी है। नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि जब्त पनीर वास्तव में मानकों के अनुरूप था या उसमें नियमों का उल्लंघन पाया गया।

