रायपुर। राजधानी रायपुर को लेकर नशे के कारोबार से जुड़ी एक बड़ी और चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। पुलिस की कार्रवाई और जांच में संकेत मिले हैं कि रायपुर अब ड्रग्स तस्करी के लिए महज उपभोक्ता बाजार नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग राज्यों के बीच नशीले पदार्थों की आवाजाही का बड़ा ट्रांजिट हब बनता जा रहा है। पंजाब, हरियाणा, असम, राजस्थान समेत अन्य राज्यों से नशीली पदार्थों की खेप रायपुर पहुंच रही है और यहां से इन्हें छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर देश के करीब 12 राज्यों तक सप्लाई किए जाने की जानकारी सामने आई है।
12 साल से बढ़ रहा ड्रग्स का नेटवर्क
रिपोर्ट के मुताबिक राजस्थान के रहने वाले रमणिवास माचरा ने पूछताछ के दौरान इस नेटवर्क से जुड़े कई अहम खुलासे किए हैं। जांच में सामने आया कि पिछले करीब 12 वर्षों से राजस्थान बॉर्डर से बड़ी मात्रा में ड्रग्स रायपुर पहुंच रहा है। कई मामलों में 100 ग्राम से कम मात्रा में भी नशीला पदार्थ रायपुर पहुंचाया गया और शहर की आउटर कॉलोनियों में मकान किराए पर लेकर ड्रग्स को डंप किए जाने की बात सामने आई है।
इसके बाद डिमांड के हिसाब से ड्रग्स की खेप को अलग-अलग राज्यों में भेजा जाता था। जांच एजेंसियों को आशंका है कि रायपुर का सड़क और रेल नेटवर्क इस पूरे तंत्र के लिए महत्वपूर्ण कड़ी बना हुआ है।
पंजाब और हरियाणा से आने वाली खेप
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि बाहर के राज्यों से आने वाली ड्रग्स की खेप को स्थानीय तस्कर रिसीव करते हैं। इसके बाद अलग-अलग रास्तों से दूसरे राज्यों तक सप्लाई की जाती है।
रिपोर्ट में पंजाब, हरियाणा, असम और राजस्थान समेत कई राज्यों से रायपुर तक नशीले पदार्थ पहुंचने का उल्लेख है। पुलिस अब इस नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है और बाहर से आने वाली खेप के स्थानीय रिसीवरों तथा आगे सप्लाई करने वालों की पहचान की जा रही है।
रायपुर से 12 राज्यों तक पहुंच रहा नशे का सामान
जांच में सामने आए नेटवर्क के मुताबिक रायपुर से ड्रग्स की सप्लाई कई राज्यों तक की जा रही थी। इनमें प्रमुख रूप से—
- महाराष्ट्र, गुजरात और दिल्ली-एनसीआर में ड्रग्स की अवैध मैन्युफैक्चरिंग और सप्लाई से जुड़े नेटवर्क का उल्लेख है।
- गोवा, कर्नाटक, तेलंगाना और केरल तक भी सप्लाई की जानकारी सामने आई है।
- मध्य प्रदेश में मंदसौर, नीमच और अन्य इलाकों तक नेटवर्क की कड़ियां बताई गई हैं।
- राजस्थान के चित्तौड़गढ़, प्रतापगढ़, झालावाड़ आदि क्षेत्रों में भी सप्लाई का जिक्र है।
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी, गाजीपुर और आसपास के क्षेत्रों तक नेटवर्क पहुंचने की बात सामने आई है।
- बिहार और ओडिशा में भी ड्रग्स की सप्लाई किए जाने की जानकारी जांच में सामने आई है।
- हेरोइन जैसे नशीले पदार्थों की सप्लाई के लिए पंजाब, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, दिल्ली, हरियाणा, मणिपुर, मिजोरम, असम और नागालैंड से जुड़े नेटवर्क का भी उल्लेख किया गया है।
- कोकीन की सप्लाई के लिए दिल्ली-एनसीआर, महाराष्ट्र, गोवा और कर्नाटक से जुड़े नेटवर्क की जानकारी सामने आई है।
आउटर कॉलोनियां बनीं ड्रग्स डंप करने की जगह
रायपुर के आउटर इलाकों की कॉलोनियां पुलिस जांच के केंद्र में हैं। सामने आई जानकारी के अनुसार तस्करों द्वारा किराए के मकानों का इस्तेमाल नशीले पदार्थों को अस्थायी रूप से रखने के लिए किया जाता था।
इन मकानों में ड्रग्स की खेप पहुंचने के बाद मांग के मुताबिक उसे छोटे पैकेटों में बांटा जाता और फिर अलग-अलग माध्यमों से संबंधित राज्यों या स्थानीय ग्राहकों तक भेजा जाता था।
जांच एजेंसियों को यह भी पता चला है कि तस्कर सीधे बड़े सप्लायरों से संपर्क करने के बजाय कई स्तरों वाले नेटवर्क के माध्यम से काम कर रहे थे, जिससे मुख्य आरोपियों तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण हो रहा है।
राजस्थान के तस्कर से पूछताछ में मिले अहम सुराग
पुलिस ने राजस्थान के तस्कर रमणिवास से पूछताछ के आधार पर नेटवर्क की कई कड़ियों की जानकारी जुटाई है। उसके मोबाइल फोन की जांच के दौरान कई चैट और नंबर मिलने की बात सामने आई है।
जांच के अनुसार रमणिवास बड़े तस्करों के संपर्क में था और उनके निर्देश पर कुरियर का काम करता था। उसे मैसेज के जरिए बताया जाता था कि पार्सल कब और कहां छोड़ना है। इसके बदले उसे मोटी रकम मिलती थी।
हालांकि, जांच में यह भी संकेत मिला कि रमणिवास सीधे बड़े तस्करों से नहीं मिलता था। यही वजह है कि पुलिस अब उसके मोबाइल और संपर्कों के आधार पर नेटवर्क के अगले स्तर तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
164 तस्कर गिरफ्तार, 5.50 करोड़ रुपये का ड्रग्स जब्त
रिपोर्ट में पुलिस की अब तक की कार्रवाई के आंकड़े भी सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार ड्रग्स से जुड़े मामलों में अब तक 164 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
इन कार्रवाई में करीब 5.50 करोड़ रुपये मूल्य का ड्रग्स जब्त किया गया है। जब्त सामान में—
- 588 किलो गांजा
- 27,875 नशीली गोलियां
- 173 ग्राम एमडीएमए
- 4.55 ग्राम कोकीन
- 20.740 ग्राम हेरोइन
- 71 ग्राम अफीम
- 251 शीशी नशीली सिरप
शामिल हैं।
इसके अलावा कार्रवाई के दौरान करीब 13.55 लाख रुपये नकद, 19 वाहन और 81 मोबाइल फोन भी जब्त किए जाने की जानकारी दी गई है। पुलिस को कार्रवाई के दौरान एक कट्टा और दो चाकू भी मिले हैं।
पुलिस अब नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने में जुटी
ड्रग्स तस्करी के इस पूरे नेटवर्क की जांच अब केवल स्थानीय तस्करों तक सीमित नहीं है। पुलिस दूसरे राज्यों में मौजूद सप्लायरों और रायपुर से जुड़े रिसीवरों की पहचान करने में जुटी है।
जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह पता लगाना है कि रायपुर में आने वाली खेप किन लोगों तक पहुंचती है और यहां से उसे किन माध्यमों से दूसरे राज्यों में भेजा जाता है। इसके लिए मोबाइल चैट, कॉल डिटेल, बैंकिंग लेन-देन और आरोपियों के संपर्कों की जांच की जा रही है।
पुलिस का फोकस अब सप्लाई चेन की पूरी कड़ी तोड़ने पर है, ताकि बाहरी राज्यों से रायपुर पहुंचने वाली ड्रग्स की खेप को रोका जा सके और राजधानी को ट्रांजिट प्वाइंट के रूप में इस्तेमाल करने वाले नेटवर्क पर शिकंजा कसा जा सके।

