बरेली। उत्तर प्रदेश के बरेली से इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। रामपुर गार्डन स्थित एक जिम के बाहर वाहन को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते मारपीट में बदल गया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कुछ लोग एक थर्ड जेंडर व्यक्ति के साथ बेरहमी से मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं। घटना के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू की है और आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
गाड़ी में तोड़फोड़ की सूचना के बाद शुरू हुआ विवाद
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला हीलियोस जिम, रामपुर गार्डन से जुड़ा है। पीड़ित की पहचान सलमान उर्फ मन्नू सूरी के रूप में बताई गई है।
बताया गया है कि मन्नू सूरी को जानकारी मिली थी कि जिम के बाहर खड़ी उनकी गाड़ी में कथित तौर पर तोड़फोड़ की गई है। इसके बाद वह अपने कुछ साथियों के साथ जिम पहुंचीं और जिम संचालक से इस संबंध में जानकारी मांगी।
आरोप है कि उस समय सीसीटीवी कैमरों की मदद से वाहन को नुकसान पहुंचाने वाले व्यक्ति का पता लगाने की बात कही गई थी।
इसके बाद विवाद ने उस समय गंभीर रूप ले लिया, जब रात में दोबारा मन्नू को जिम बुलाया गया।
बरेली के एक जिम के बाहर वाहन को लेकर विवाद शुरू हुआ
पूरी भीड़ महिला को बेरहमी से पीटने लगी
पूरा मामला क्या है यह मुझे अभी ठीक से नहीं मालूम
लेकिन महिला को इस तरह बेरहमी से पीटना की उसकी जान चली जाए यह कतई सही नहीं है pic.twitter.com/0JASh4AGXb
— Kikki Singh (@singh_kikki) August 11, 2026
रात में दोबारा बुलाने के बाद बढ़ा मामला
रिपोर्टों के अनुसार, रात करीब 10 बजे मन्नू सूरी को दोबारा जिम बुलाया गया। वह अपने साथियों के साथ वहां पहुंचीं। जिम संचालक और कुछ अन्य लोग भी मौके पर मौजूद थे।
बातचीत के दौरान किसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते मारपीट शुरू हो गई। वायरल वीडियो में कई लोग एक व्यक्ति के साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं।
आरोप है कि पीड़ित के साथ न केवल मारपीट की गई, बल्कि उसके साथ अभद्रता भी की गई। शिकायत में कपड़े फाड़ने और गला दबाकर जान से मारने की कोशिश जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं।
हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आया। वीडियो में भीड़ के बीच एक व्यक्ति को घेरकर मारपीट करते हुए देखा जा सकता है।
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने घटना को लेकर नाराजगी जताई। कई लोगों ने सवाल उठाया कि अगर वाहन में तोड़फोड़ हुई थी तो इसकी शिकायत पुलिस से की जानी चाहिए थी, न कि किसी व्यक्ति को भीड़ के बीच पीटा जाना चाहिए था।
कानून हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
मामले में शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने जिम संचालक अश्वनी शर्मा समेत नामजद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार जिम संचालक और एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की गई है और दोनों को अदालत से जमानत मिलने की जानकारी सामने आई है। वहीं अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस वायरल वीडियो और घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों के आधार पर मारपीट में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है।
वाहन विवाद से शुरू हुआ मामला कैसे पहुंचा मारपीट तक?
इस घटना का मूल विवाद वाहन में कथित तोड़फोड़ को लेकर था। यानी शुरुआत एक संपत्ति संबंधी विवाद से हुई, लेकिन बाद में मामला शारीरिक हिंसा तक पहुंच गया।
किसने वाहन को नुकसान पहुंचाया था, वाहन में कितना नुकसान हुआ और मारपीट की पूरी घटना से पहले दोनों पक्षों के बीच वास्तव में क्या बातचीत हुई—इन तमाम सवालों का जवाब पुलिस जांच में सामने आना बाकी है।
यही वजह है कि मामले के किसी एक पक्ष के आरोपों को अंतिम सत्य मानने के बजाय पुलिस जांच के निष्कर्ष का इंतजार करना जरूरी है।
भीड़ की हिंसा पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर भीड़ की हिंसा और कानून को अपने हाथ में लेने की प्रवृत्ति पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
किसी व्यक्ति पर वाहन क्षतिग्रस्त करने का आरोप है तो उसके खिलाफ पुलिस में शिकायत की जा सकती है। जांच के बाद दोषी पाए जाने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। लेकिन किसी व्यक्ति को भीड़ द्वारा घेरकर पीटना कानून व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है।
खासकर वायरल वीडियो में जिस तरह से मारपीट दिखाई दे रही है, उसने लोगों को झकझोर दिया है।
थर्ड जेंडर समुदाय के साथ व्यवहार पर भी सवाल
इस घटना को लेकर थर्ड जेंडर समुदाय के साथ व्यवहार को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। शिकायत में कथित दुर्व्यवहार और मारपीट के आरोपों ने मामले को और गंभीर बना दिया है।
किसी व्यक्ति की पहचान या सामाजिक स्थिति चाहे जो भी हो, उसके साथ हिंसा या अपमानजनक व्यवहार स्वीकार्य नहीं होना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति ने कानून तोड़ा है तो उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।
निष्कर्ष
बरेली के इस मामले में वाहन को लेकर शुरू हुआ विवाद गंभीर मारपीट तक पहुंच गया और घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब जांच में यह स्पष्ट होना महत्वपूर्ण है कि विवाद की शुरुआत कैसे हुई, वाहन को नुकसान किसने पहुंचाया और मारपीट में कौन-कौन लोग शामिल थे।
पुलिस ने लिया संज्ञान, दो आरोपी गिरफ्तार:
मामले में अब बरेली पुलिस की ओर से कार्रवाई की पुष्टि की गई है। पुलिस के मुताबिक सोशल मीडिया पर वायरल किवर के साथ मारपीट के वीडियो के संबंध में प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया। प्रकरण में अश्वनी शर्मा पुत्र विनोद कुमार, निवासी राजेंद्र नगर थाना प्रेमनगर, बरेली और सुशील कुमार पुत्र सुरेंद्र पाल सिंह, निवासी कटरा चांद खां, पुराना शहर, थाना बारादरी, बरेली को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

