नई दिल्ली। आज के समय में मोबाइल फोन लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। कई लोग रात में सोते समय अपना स्मार्टफोन तकिए के नीचे या सिर के बिल्कुल पास रखकर सो जाते हैं। कुछ लोग अलार्म के लिए ऐसा करते हैं, तो कुछ देर रात तक सोशल मीडिया या वीडियो देखने के बाद फोन वहीं छोड़ देते हैं। लेकिन क्या यह आदत सुरक्षित है? इस सवाल पर लंबे समय से चर्चा होती रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अब तक ऐसे ठोस वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिले हैं, जिनसे यह साबित हो कि मोबाइल फोन के रेडियो फ्रीक्वेंसी (RF) सिग्नल सामान्य उपयोग के दौरान सीधे तौर पर कैंसर का कारण बनते हैं। हालांकि, फोन को सिर के बेहद करीब रखकर लंबे समय तक सोना एक अच्छी आदत नहीं माना जाता।
नींद की गुणवत्ता पर पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों के अनुसार, सबसे बड़ा असर मोबाइल से निकलने वाली ब्लू लाइट का होता है। रात में सोने से पहले लंबे समय तक मोबाइल चलाने से शरीर में मेलाटोनिन हार्मोन का उत्पादन प्रभावित हो सकता है। यह हार्मोन अच्छी नींद के लिए जरूरी होता है। इसके कारण देर से नींद आना, बार-बार नींद खुलना और सुबह थकान महसूस होना जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
तकिए के नीचे मोबाइल रखना क्यों खतरनाक हो सकता है?
फोन को तकिए या गद्दे के नीचे रखकर चार्ज करना जोखिम भरा हो सकता है। इससे गर्मी बाहर नहीं निकल पाती और कुछ मामलों में फोन अत्यधिक गर्म हो सकता है। इसी वजह से कई मोबाइल निर्माता भी सलाह देते हैं कि चार्जिंग के दौरान फोन को खुली और हवादार जगह पर रखें।
क्या करें?
- सोते समय मोबाइल को बिस्तर से 2–3 फीट दूर रखें।
- सोने से कम से कम 30–60 मिनट पहले मोबाइल का उपयोग बंद करें।
- यदि अलार्म की जरूरत हो तो फोन को साइड टेबल पर रखें।
- रात में Do Not Disturb या Sleep Mode का इस्तेमाल करें ताकि नोटिफिकेशन से नींद प्रभावित न हो।
- चार्जिंग के दौरान फोन को तकिए या कंबल के नीचे न रखें।
WHO और विशेषज्ञ क्या कहते हैं?
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, मोबाइल फोन से निकलने वाली रेडियो फ्रीक्वेंसी पर लगातार शोध जारी है। अब तक सामान्य उपयोग से गंभीर स्वास्थ्य नुकसान के निर्णायक प्रमाण नहीं मिले हैं। हालांकि, बेहतर नींद और सुरक्षित उपयोग के लिए फोन को शरीर से थोड़ी दूरी पर रखना और सोने से पहले स्क्रीन टाइम कम करना बेहतर माना जाता है।
निष्कर्ष
मोबाइल को तकिए के पास रखकर सोना तुरंत गंभीर बीमारी का कारण साबित नहीं हुआ है, लेकिन यह आपकी नींद की गुणवत्ता और फोन की सुरक्षित हैंडलिंग के लिहाज से अच्छी आदत नहीं मानी जाती। यदि आप बेहतर नींद और सुरक्षित उपयोग चाहते हैं, तो फोन को सिर से कुछ दूरी पर रखकर सोना और देर रात तक स्क्रीन देखने से बचना अधिक उचित है।

