रायपुर। छत्तीसगढ़ में जमीन अधिग्रहण को लेकर सियासत एक बार फिर तेज हो गई है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने एक वीडियो जारी कर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि रायपुर जिले के नकटी सहित छह गांवों की करीब 1076 एकड़ जमीन बिल्डरों को सौंपने की तैयारी की जा रही है। अकबर ने कहा कि यदि सरकार ने इस योजना को वापस नहीं लिया तो कांग्रेस ग्रामीणों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन करेगी।
जारी वीडियो संदेश में मोहम्मद अकबर ने कहा कि सरकार विकास के नाम पर किसानों और ग्रामीणों की जमीन छीनने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि नकटी, समोदा और आसपास के अन्य गांवों की उपजाऊ कृषि भूमि को निजी बिल्डरों के हित में उपयोग करने की योजना बनाई जा रही है, जिससे हजारों ग्रामीणों की आजीविका प्रभावित हो सकती है।
पूर्व मंत्री ने कहा कि संबंधित गांवों के लोगों में पहले से ही इस प्रस्ताव को लेकर चिंता और नाराजगी है। ग्रामीण अपनी जमीन बचाने के लिए लगातार आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने सरकार से मांग की कि किसी भी निर्णय से पहले स्थानीय लोगों की सहमति ली जाए और उनकी आपत्तियों पर गंभीरता से विचार किया जाए।
मोहम्मद अकबर ने आरोप लगाया कि सरकार उद्योग और विकास के नाम पर किसानों के हितों की अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी और यदि किसानों के अधिकारों का हनन हुआ तो लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन किया जाएगा।
हालांकि, इस मामले में राज्य सरकार की ओर से मोहम्मद अकबर के आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सरकार की ओर से भी अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि संबंधित जमीन के संबंध में कोई अंतिम निर्णय लिया गया है या नहीं।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने एक वीडियो जारी किया है और यह दावा किया है कि नकटी सहित 6 गांव की 1076 एकड़ जमीन बिल्डरों को सौंपने की तैयारी सरकार कर रही है#MohammadAkbar #cgnews #congress #naktivillage #chhattisgarh #breaking pic.twitter.com/CJ2TWnLRaA
— Snehil Saraf (@sarafsnehil) July 11, 2026
इधर, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा आने वाले समय में राज्य की राजनीति में बड़ा विषय बन सकता है। यदि जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ती है, तो सरकार और विपक्ष के बीच टकराव और तेज होने की संभावना है।
फिलहाल, मोहम्मद अकबर का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इस पर राजनीतिक बहस भी शुरू हो गई है। अब सभी की नजर सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया और इस पूरे मामले में आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
नोट: यह खबर पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर द्वारा जारी वीडियो में किए गए दावों पर आधारित है। सरकार की ओर से इन दावों की आधिकारिक पुष्टि या खंडन समाचार लिखे जाने तक सामने नहीं आया है।

