रायपुर। राजधानी रायपुर के नकटी गांव में प्रस्तावित विधायक कॉलोनी को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। अब छत्तीसगढ़ क्रांति सेना (CKS) ने दावा किया है कि नकटी गांव की जमीन को लेकर अदालत का एक पुराना आदेश मौजूद है, जिसके आधार पर यहां विधायक कॉलोनी का निर्माण नहीं किया जा सकता। हालांकि, संगठन ने अभी तक उस कथित आदेश की प्रमाणित प्रति सार्वजनिक नहीं की है और न ही प्रशासन ने इस दावे की पुष्टि की है।
इस बीच नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के बाद राजनीतिक और सामाजिक विवाद तेज हो गया है। प्रशासन ने सरकारी जमीन पर कब्जा बताते हुए दर्जनों मकानों पर बुलडोजर चलाया, जबकि प्रभावित परिवारों का कहना है कि वे वर्षों से यहां रह रहे थे और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिलता रहा है।
मामले में नया मोड़ तब आया जब छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष अनुराग सिंह ने कहा कि नकटी गांव में विधायक कॉलोनी बनाने का कोई प्रस्ताव नहीं है। उनके इस बयान के बाद यह सवाल उठने लगे हैं कि यदि कॉलोनी का प्रस्ताव नहीं था तो जमीन खाली कराने की कार्रवाई किस उद्देश्य से की गई।
वहीं, कई जनप्रतिनिधियों ने भी गरीबों के मकान तोड़कर बनाई जाने वाली विधायक कॉलोनी का विरोध किया है। दो विधायकों ने ऐसे आवास लेने से इनकार करते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। दूसरी ओर, विपक्ष और स्थानीय जनप्रतिनिधि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास और पूरी कार्रवाई की न्यायिक जांच की मांग कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट में CKS ने दावा किया है कि उसने कोर्ट के पुराने आदेश सामने लाए हैं, लेकिन स्वतंत्र रूप से उस आदेश की पुष्टि अभी तक नहीं हो सकी है। ऐसे में यह दावा फिलहाल सत्यापित नहीं माना जा सकता। प्रशासन की ओर से भी इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
(नोट: यदि CKS अदालत के आदेश की प्रति सार्वजनिक करता है या प्रशासन आधिकारिक प्रतिक्रिया देता है, तो मामले की कानूनी स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।)
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