रायपुर। छत्तीसगढ़ में बुधवार को दो बड़े घटनाक्रम चर्चा में रहे। एक ओर राज्य सरकार ने निगम-मंडलों और विभिन्न आयोगों में नई नियुक्तियों की घोषणा करते हुए कई अहम पदों पर नए चेहरों को जिम्मेदारी सौंपी, वहीं दूसरी ओर प्रदेश में सक्रिय मानसून ने किसानों को राहत दी, लेकिन कई शहरों में जलभराव और जनजीवन प्रभावित होने की स्थिति भी सामने आई।
निगम-मंडलों और आयोगों में नई नियुक्तियां
मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार ने विभिन्न निगमों, मंडलों और आयोगों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष तथा सदस्यों की नियुक्ति की घोषणा की है। इस सूची में डॉ. ममता साहू को राज्य महिला आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं सुधीर गौतम को राज्य शिक्षा आयोग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा अनुसूचित जाति आयोग, मछुआ कल्याण बोर्ड, संस्कृत विद्या मंडल, शाकंभरी बोर्ड, फिल्म विकास निगम और रायपुर विकास प्राधिकरण सहित कई संस्थाओं में नई नियुक्तियां की गई हैं।
सरकार का कहना है कि इन नियुक्तियों से संबंधित संस्थाओं के कामकाज में तेजी आएगी और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में मदद मिलेगी। राजनीतिक जानकार इसे संगठनात्मक संतुलन और प्रशासनिक मजबूती की दिशा में अहम कदम मान रहे हैं।
बारिश से किसानों को राहत, शहरों में बढ़ी परेशानी
प्रदेश में मानसून सक्रिय होने के बाद कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों को इससे राहत मिली है और धान की रोपाई में तेजी आने की उम्मीद है। हालांकि लगातार बारिश के कारण कुछ शहरों में जलभराव की समस्या भी सामने आई है।
राजनांदगांव में जिला अस्पताल के एक्स-रे और अन्य वार्डों तक पानी भर गया, जिससे मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई निचले इलाकों में जलभराव के कारण यातायात भी प्रभावित हुआ। नगर निगम की टीमें जल निकासी के कार्य में जुटी हुई हैं, जबकि मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना जताई है।
सरकार और प्रशासन की नजर
सरकार का कहना है कि मानसून की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। जिला प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं ताकि जलभराव, बाढ़ जैसी स्थिति और आपदा संबंधी घटनाओं से समय रहते निपटा जा सके। वहीं कृषि विभाग भी किसानों को मौसम के अनुसार खेती संबंधी सलाह दे रहा है।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ में एक ओर सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर नई नियुक्तियों के जरिए संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की पहल की है, वहीं दूसरी ओर मानसून ने खेती-किसानी के लिए राहत की उम्मीद जगाई है। हालांकि शहरी क्षेत्रों में जलभराव जैसी चुनौतियां प्रशासन के सामने बनी हुई हैं। आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति और नई नियुक्तियों के प्रभाव पर सभी की नजर रहेगी।

