चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बनने के बाद अभिनेता से नेता बने थलापति विजय लगातार एक्शन मोड में नजर आ रहे हैं। अब उन्होंने ऐसा बड़ा फैसला लिया है, जिसकी पूरे राज्य में चर्चा हो रही है। मुख्यमंत्री विजय ने मंदिरों, स्कूलों, कॉलेजों और बस स्टैंड के आसपास चल रही शराब दुकानों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार ने 500 मीटर के दायरे में मौजूद TASMAC शराब दुकानों को बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि करीब 700 से अधिक शराब दुकानों को चरणबद्ध तरीके से बंद किया जा सकता है।
सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखना और महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री विजय ने चुनाव प्रचार के दौरान भी शराब नियंत्रण को प्रमुख मुद्दा बनाया था। अब सत्ता में आने के बाद वह अपने वादों को तेजी से लागू करते दिखाई दे रहे हैं।
इस फैसले के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं तेजी से सामने आ रही हैं। कई लोगों ने इसे “जनहित में लिया गया साहसी फैसला” बताया है। खासकर महिलाओं और सामाजिक संगठनों ने सरकार के इस कदम की सराहना की है।
हालांकि विपक्ष ने सरकार पर सवाल भी उठाए हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि शराब दुकानों से राज्य सरकार को बड़ी राजस्व आय होती है, ऐसे में सरकार को यह भी बताना चाहिए कि राजस्व में होने वाले नुकसान की भरपाई कैसे की जाएगी।
मुख्यमंत्री विजय इससे पहले महिला सुरक्षा, एंटी-ड्रग अभियान और गरीब परिवारों के लिए कई नई योजनाओं को लेकर भी चर्चा में रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विजय अपनी “कड़क प्रशासन” वाली छवि बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
फिलहाल, मुख्यमंत्री विजय के इस फैसले को लेकर तमिलनाडु की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है और आने वाले दिनों में इसका असर राज्य की राजनीति पर भी देखने को मिल सकता है।

