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छत्तीसगढ़ में योग जनआंदोलन बनेगा: सीएम साय की मंजूरी से आयुष पद्धति से जुड़ा योग, सामाजिक कल्याण से अलग
रायपुर: छत्तीसगढ़ में योग को अब केवल एक शारीरिक व्यायाम के रूप में नहीं, बल्कि एक व्यापक जनआंदोलन के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस पहल को हरी झंडी दिखाते हुए योग को सामाजिक कल्याण विभाग के दायरे से हटाकर आयुष पद्धति के अंतर्गत लाने की मंजूरी दे दी है। यह निर्णय योग को उसके प्राचीन और समग्र स्वरूप में बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
पृष्ठभूमि
पहले छत्तीसगढ़ में योग को मुख्य रूप से सामाजिक कल्याण विभाग के माध्यम से बढ़ावा दिया जाता था, जिसका ध्यान अक्सर शारीरिक स्वास्थ्य और कल्याण पर केंद्रित रहता था। हालांकि, योग का महत्व केवल शारीरिक स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मानसिक, आध्यात्मिक और सामाजिक कल्याण का भी एक अभिन्न अंग है। इस पृष्ठभूमि को देखते हुए, योग को आयुष (आयुर्वेद, योग और प्राकृतिक चिकित्सा, यूनानी, सिद्ध और होम्योपैथी) पद्धति के साथ जोड़ना एक तार्किक कदम है, जो इसके समग्र दृष्टिकोण को दर्शाता है।
विस्तृत जानकारी
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अंबिकापुर में आयोजित योग दिवस के कार्यक्रम में इस दिशा में अपनी मंशा स्पष्ट की थी। उन्होंने योग को जन-जन तक पहुंचाने और इसे एक जनआंदोलन का रूप देने पर जोर दिया। आयुष पद्धति के अंतर्गत योग को लाने से अब इसके प्रचार-प्रसार, प्रशिक्षण और अनुसंधान को एक नई दिशा मिलेगी। आयुष विभाग के पास योग के पारंपरिक ज्ञान और वैज्ञानिक आधार को संरक्षित करने और उसे आधुनिक संदर्भ में प्रस्तुत करने की बेहतर क्षमता है। इससे योग शिक्षकों के प्रशिक्षण, योग संस्थानों की स्थापना और योग से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन को अधिक सुगमता मिलेगी।
मुख्य बिंदु
- योग को सामाजिक कल्याण विभाग से हटाकर आयुष पद्धति में शामिल किया गया है।
- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस महत्वपूर्ण निर्णय को मंजूरी दी है।
- इसका उद्देश्य योग को एक जनआंदोलन के रूप में स्थापित करना है।
- योग के समग्र स्वास्थ्य लाभों को बढ़ावा मिलेगा, जिसमें शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक पहलू शामिल हैं।
प्रभाव और आगे की स्थिति
इस निर्णय से छत्तीसगढ़ में योग के क्षेत्र में एक नई क्रांति आने की उम्मीद है। आयुष पद्धति के तहत योग को लाने से इसके लिए अधिक संसाधन उपलब्ध होंगे और इसके प्रचार-प्रसार के लिए एक सुव्यवस्थित ढांचा तैयार होगा। यह न केवल आम जनता को योग से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित करेगा, बल्कि योग के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत करेगा। मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में, छत्तीसगढ़ योग को एक ऐसे जनआंदोलन के रूप में विकसित करने की ओर अग्रसर है जो राज्य के नागरिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा।
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