Jabalpur. जबलपुर। मध्य प्रदेश के जबलपुर के कॉलेज चौराहे स्थित अनुविभागीय दंडाधिकारी (SDM) कार्यालय में शनिवार की देर रात एक चौंकाने वाली घटना सामने आई। कार्यालय में तैनात दो लिपिक, धर्मेंद्र पटेल और दिलीप पाल, शराब के नशे में थे और उनकी हरकतें कैमरे में कैद हो गईं। घटना के दौरान नशे में चूर दोनों लिपिकों ने वीडियो बनाने वाले युवक सूरज सोंधिया का मोबाइल छीना और उसके साथ धक्का-मुक्की की। सूत्रों के अनुसार, यह घटना अनुविभागीय दंडाधिकारी कार्यालय के कमरे नंबर 10 में हुई। बताया गया है कि रात के समय एसडीएम और तहसीलदार के लिपिक कार्यालय में काम निपटाने के बहाने देर रात तक रुकते हैं। इस दौरान कार्यालय में शराब पीने की घटनाएँ होती रहती हैं। कुछ पटवारी भी इस शराबखोरी में शामिल होते हैं।
सूरज सोंधिया ने बताया कि वह लिपिकों की नशाखोरी का वीडियो बना रहा था, तभी दोनों लिपिक शराब के नशे में उस पर झूमने लगे और उसके मोबाइल को जब्त कर लिया। इसके बाद उन्होंने उसे धक्का दिया और मारपीट भी की। इस घटना के बाद कई कर्मचारी मौके से फरार हो गए। पीड़ित ने तुरंत एसडीएम जबलपुर डॉ. अनुराग तिवारी को घटना की सूचना दी। डॉ. तिवारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्यालय में शराबखोरी कर रहे लिपिकों के खिलाफ जांच कराने के आदेश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की गतिविधियाँ बिल्कुल अस्वीकार्य हैं और नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले ने प्रशासनिक कार्यप्रणाली और सरकारी कार्यालयों में हो रही अनुशासनहीनता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि सरकारी कर्मचारियों का नशे में काम करना और कार्यालय परिसर में अनुचित व्यवहार करना प्रशासनिक नियमों का उल्लंघन है। स्थानीय लोग भी इस घटना से हैरान हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों में ऐसे मामलों की लगातार घटनाएँ आम होती जा रही हैं, और इससे जनता का भरोसा कम होता है। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, एसडीएम कार्यालय के कुछ कर्मचारी और लिपिक इस घटना के बारे में बोलने से बच रहे हैं। हालांकि मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने पूरे कार्यालय की निगरानी बढ़ा दी है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाने की बात कही है। इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी कार्यालयों में अनुशासन और पेशेवर जिम्मेदारी का पालन करना कितना महत्वपूर्ण है। अधिकारी यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि कार्यालय में काम करने वाले कर्मचारी नशे और अनुचित व्यवहार से दूर रहें और जनता की सेवा में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।

