Bilaspur. बिलासपुर। विद्युत विभाग ने बकाया बिल न चुकाने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ विशेष अभियान चलाया और सख्त कार्रवाई की। इस अभियान के दौरान बिलासपुर क्षेत्र में कुल 81 उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन विच्छेदित किए गए और 46 बकायादारों से कुल 5,09,828 रुपए की वसूली की गई। यह कार्रवाई क्षेत्रीय कार्यपालक निदेशक ए.के. अंबष्ट के निर्देश और अधीक्षण यंत्री सुरेश कुमार जांगड़े के मार्गदर्शन में की गई। बिजली विभाग के जनसंपर्क अधिकारी ने बताया कि अभियान के लिए कुल 8 टीमों का गठन किया गया था।
अभियान का उद्देश्य बकाया राशि की वसूली और अवैध उपभोक्ताओं के कनेक्शन को बंद करना था। सबसे अधिक बकाया रखने वाले उपभोक्ताओं में असमा कॉलोनी के 7 कनेक्शन शामिल हैं, जिन पर कुल 15,36,000 रुपए बकाया था। इसके अलावा कई अन्य उपभोक्ताओं के बकाए भी वसूले गए। ग्राम मेंड्रा के राजकुमार से 83,974 रुपए, संस्कृति विहार की साधना सूर्यवंशी से 64,731 रुपए, पंकज कुमार से 62,164 रुपए, असमा सिटी के राजेश वर्मा से 51,006 रुपए, सकरी की पूजा साहू से 44,233 रुपए, श्यामा साहू से 44,016 रुपए, ग्राम सईदा के दीपक कुमार सूर्यवंशी से 40,837 रुपए, अनिल कुमार गुप्ता से 39,120 रुपए, श्याम बाई से 37,458 रुपए, रामा लाइफ सिटी के तरुण कुमार त्रिवेदी से 37,116 रुपए और सकरी के परदेशी से 35,779 रुपए की वसूली की गई।
विद्युत विभाग ने साफ किया है कि जिन उपभोक्ताओं ने बकाया राशि का भुगतान नहीं किया, उनके खिलाफ भविष्य में भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। अभियान के दौरान सिटी विजिलेंस अधिकारी सी.पी. गढ़ेवाल, एस.के. मुख्तार, पूर्णिमा सिंह, अनुपम सरकार, सहायक यंत्री प्रमोद कुमार चौबे, जीतेश दिव्य, वरदान खलखो, और कनिष्ठ यंत्री कु. कंचन खूंटे सहित सकरी उपसंभाग के कर्मचारी मौजूद रहे। यह अभियान न केवल बकाया राशि की वसूली में सफल रहा, बल्कि आम जनता में विद्युत विभाग की सक्रियता और अनुशासन के प्रति जागरूकता भी बढ़ाई। अधिकारियों का कहना है कि विभाग लगातार ऐसे अभियान चलाकर क्षेत्र में कलेक्शन बढ़ाने और अवैध कनेक्शनों को रोकने में जुटा रहेगा। विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे समय पर बिल का भुगतान करें ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा और कनेक्शन विच्छेदन जैसी कार्रवाई का सामना न करना पड़े। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में नियमित निरीक्षण और सघन अभियान जारी रहेंगे, जिससे क्षेत्र में बिल भुगतान की नियमितता सुनिश्चित हो सके।

