नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की मंत्री शशि पांजा को विशेष गहन मतदाता सूची संशोधन (एसआईआर) के तहत सुनवाई का नोटिस मिला है. इसे लेकर पांजा ने बताया कि उन्होंने सारे जरूरी डॉक्यूमेंट्स जमा कर दिए हैं. इसके बावजूद उन्हें ये नोटिस भेजा गया है.
पीटीआई के मुताबिक, शशि पांजा ने रविवार (25 जनवरी) को बताया कि जब 2002 में पिछला एसआईआर किया गया था, तब उनका नाम मतदाता सूची में था. सूत्रों के मुताबिब पांजा को रविवार दोपहर को एसआईआर सुनवाई के लिए पेश होने को कहा गया है.
महिला एवं बाल विकास मंत्री पांजा ने कहा, ‘मेरा नाम 2002 की मतदाता सूची में था. मैंने एसआईआर प्रक्रिया के दौरान सभी दस्तावेज जमा कर दिए थे, फिर भी मेरा नाम अमान्य के रूप में दिखाया जा रहा है. इसमें मेरी कोई गलती नहीं है. ये (नोटिस) मुझे इसका इनाम मिला है.’
इस दौरान पंजा ने कहा कि वो इस प्रक्रिया के दौरान अपने मंत्री होने के नाते किसी भी विशेषाधिकार की मांग नहीं करेंगी. इसके साथ ही उन्होंने ये भी बताया कि वे सुनवाई में शामिल होने क लिए तैयार हैं. शशि पांजा ने दावा किया कि एसआईआर प्रक्रिया जल्दबाजी में और बिना तैयारी के की जा रही है. उन्होंने कहा, ‘ये साफ है कि एसआईआर प्रक्रिया जल्दबाजी में और बिना तैयारी के की जा रही है. सुनवाई मेरे निर्वाचन क्षेत्र में होगी, इसलिए मुझे ज्यादा समय नहीं लगेगा. लेकिन बंगाल में कई लोग इससे परेशान हो रहे हैं.’
इसके अलावा टीएमसी के आईटी सेल के प्रभारी देबांशु भट्टाचार्य ने भी दावा किया है कि उन्हें और परिवार के सदस्यों को एसआईआर का नोटिस मिला है. भट्टाचार्य ने कहा, ‘हमने जो विवरण पेश किए थे उनमें कोई खामी नहीं थी और हमारा नाम 2002 की सूची में भी था.’
भट्टाचार्य ने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए कहा, ‘बीजेपी सोशल मीडिया गतिविधि पर नजर रखने के लिए एआई-बेस्ड तकनीक का इस्तेमाल कर रही है और पार्टी का विरोध करने वालों को चुनिंदा रूप से निशाना बना रही है.’

