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महतारी वंदन ई-केवाईसी में धांधली: हितग्राहियों से वसूली के आरोप में 6 सीएससी आईडी निलंबित
रायपुर। छत्तीसगढ़ में महतारी वंदन योजना के तहत ई-केवाईसी प्रक्रिया में अनियमितताओं का मामला सामने आया है। कुछ कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) संचालकों द्वारा हितग्राहियों से ई-केवाईसी के नाम पर अवैध वसूली की जा रही थी। इस गंभीर शिकायत के बाद, जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 6 सीएससी आईडी को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है। यह कार्रवाई उन सीएससी संचालकों के खिलाफ की गई है, जिन पर योजना के लाभार्थियों से निर्धारित शुल्क से अधिक राशि वसूलने या ई-केवाईसी के लिए पैसे लेने के आरोप लगे हैं।
पृष्ठभूमि
महतारी वंदन योजना छत्तीसगढ़ सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य प्रदेश की विवाहित महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करना है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की राशि दी जाती है। योजना का लाभ उठाने के लिए ई-केवाईसी एक अनिवार्य प्रक्रिया है। इसी ई-केवाईसी को पूरा करने के लिए हितग्राहियों को कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) पर जाना पड़ता है। यहीं पर कुछ सीएससी संचालकों ने अपनी मनमानी शुरू कर दी और इस प्रक्रिया को कमाई का जरिया बना लिया।
विस्तृत जानकारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कई हितग्राहियों ने जिला प्रशासन से शिकायत की थी कि सीएससी संचालक ई-केवाईसी कराने के लिए उनसे पैसे वसूल रहे हैं। कुछ मामलों में, यह भी आरोप लगाया गया कि ई-केवाईसी के लिए निर्धारित प्रक्रिया के बजाय, संचालकों द्वारा अलग से शुल्क लिया जा रहा था। इस तरह की शिकायतें मिलने के बाद, प्रशासन ने मामले की गंभीरता को समझते हुए जांच के आदेश दिए। जांच में शिकायतें सही पाई गईं, जिसके बाद संबंधित सीएससी आईडी पर कार्रवाई की गई। यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक बिना किसी बाधा या अतिरिक्त बोझ के पहुंचे।
मुख्य बिंदु
- महतारी वंदन योजना के ई-केवाईसी प्रक्रिया में अनियमितताएं पाई गईं।
- हितग्राहियों से ई-केवाईसी के नाम पर अवैध वसूली के आरोप लगे।
- जिला प्रशासन ने 6 सीएससी आईडी को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है।
- यह कार्रवाई सरकारी योजनाओं के सुचारू संचालन और लाभार्थियों के हितों की रक्षा के लिए की गई है।
प्रभाव और आगे की स्थिति
इस कार्रवाई से उन सीएससी संचालकों में हड़कंप मच गया है जो इस तरह की अनियमितताओं में लिप्त थे। जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि ऐसी किसी भी प्रकार की धांधली बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। यह मामला महतारी वंदन योजना के लाभार्थियों को आश्वस्त करता है कि उनकी शिकायतों पर ध्यान दिया जा रहा है। प्रशासन ने यह भी निर्देश दिया है कि ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी तरह से निशुल्क होनी चाहिए और यदि कोई सीएससी संचालक शुल्क वसूलता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। आगे भी इस तरह की निगरानी जारी रहेगी ताकि योजना का लाभ सही हितग्राहियों तक पहुंचे।
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