भीलवाड़ा: राजस्थान के भीलवाड़ा में करीब 15 तोला सोने के आभूषणों के लिए 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला की हत्या का मामला सामने आया है। आरोप है कि पड़ोसी ने अपने साथी के साथ मिलकर महिला का गला दबाया और गहने लूट लिए। इसके बाद अपराध के साक्ष्य मिटाने के लिए शव को पेट्रोल डालकर जलाया गया। बचे हुए अवशेष और राख कोठारी नदी में फेंक दिए गए। पुलिस ने कमला देवी कांकरिया की हत्या के मामले में रवि तापड़िया और हीरा सिंधी को गिरफ्तार किया है। कमला देवी भीमगंज थाना क्षेत्र के वीर सावरकर नगर में अकेली रहती थीं। वह 12 अक्टूबर से लापता थीं। कई दिनों तक उनका पता नहीं चलने पर परिजनों की चिंता बढ़ी। बहू रवीना कांकरिया ने 15 अक्टूबर को पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद शुरू हुई तलाश में सीसीटीवी फुटेज से महत्वपूर्ण जानकारी मिली और जांच पड़ोसी तक पहुंची।
सीसीटीवी फुटेज से मिला अहम सुराग
भीमगंज थाना प्रभारी सुनील चौधरी के अनुसार, जांच के दौरान पुलिस ने आसपास लगे कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी। इसमें कमला देवी 12 अक्टूबर को रवि तापड़िया के साथ जाती दिखाई दीं। पड़ोस में रहने के कारण रवि का उनके घर आना-जाना था। फुटेज सामने आने के बाद पुलिस ने उससे पूछताछ शुरू की। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जवाबों के बाद उससे दोबारा पूछताछ की गई और मामले का खुलासा हुआ। शुरुआत में रवि ने पुलिस को बताया था कि कमला देवी ने उसे बाजार तक छोड़ने के लिए कहा था। उसका दावा था कि महिला को छोड़ने के बाद वह वापस लौट आया। हालांकि, आगे की पड़ताल में पुलिस को उसके बयान पर संदेह हुआ। समाचार एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार, जांचकर्ताओं को महिला के भीलवाड़ा से बाहर जाने की पुष्टि नहीं मिली। इसके बाद पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर हत्या की बात स्वीकार की।
बकाया रकम लौटाने के बहाने बुलाने का आरोप
पुलिस पूछताछ के आधार पर सामने आई जानकारी के मुताबिक, रवि ने बकाया रकम चुकाने के बहाने कमला देवी को अपने मकान पर बुलाया था। आरोप है कि वहां उनकी गला दबाकर हत्या कर दी गई। इसके बाद उनके पहने हुए सोने के झुमके, कंगन और हार उतार लिए गए। इन आभूषणों का कुल वजन करीब 15 तोला बताया गया है। जांच में आर्थिक लेन-देन और संपत्ति से जुड़ी नाराजगी का पहलू भी सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, रवि का कमला देवी के पति तेज सिंह से पुराना संपर्क था। वह उनके लिए ब्याज की रकम वसूलने का काम करता था। आरोप है कि संपत्ति में हिस्सा नहीं मिलने से भी वह महिला से नाराज था। हालांकि, यह जानकारी पुलिस पूछताछ से सामने आए आरोपों का हिस्सा है।
शव जलाकर नदी में फेंके अवशेष
वारदात के बाद आरोपियों ने कथित तौर पर शव को मकान की छत पर ले जाकर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। रिपोर्ट के मुताबिक, शव रातभर जलता रहा। अगली सुबह पानी डालकर उसे ठंडा किया गया। इसके बाद बची हुई हड्डियां और राख बाल्टी में भरी गईं और कोठारी नदी में फेंक दी गईं। पुलिस इस घटनाक्रम को हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने की कोशिश के रूप में जांच रही है। आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस पालड़ी पुलिया के पास पहुंची। यहां नदी में अवशेष तलाशने के लिए जेसीबी की मदद ली गई। आईएएनएस के अनुसार, घटनास्थल से करीब दो किलोमीटर दूर नदी में तलाश के दौरान अवशेष बरामद हुए। उन्हें जांच के लिए एकत्र किया गया। इस बरामदगी से गुमशुदगी की जांच में सामने आए हत्या के आरोपों को लेकर पुलिस की पड़ताल आगे बढ़ी।
पति और बेटे की मौत के बाद अकेली थीं कमला देवी
कमला देवी के परिवार ने पहले भी दो बड़े दुख झेले थे। उनके पति तेज सिंह की लगभग चार साल पहले मृत्यु हो गई थी। बेटे सौरभ की करीब दो साल पहले सड़क दुर्घटना में जान चली गई थी। इसके बाद बहू रवीना अपने दोनों बच्चों के साथ आजाद नगर में रहने लगी थीं। कमला देवी अपने मकान में अकेली रहती थीं। अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, घर में काम करने वाली महिला ने रवीना को बताया था कि मकान पर कई दिनों से ताला लगा हुआ है। इसके बाद परिवार ने उनकी तलाश शुरू की। बहू ने बताया कि उनकी कमला देवी से आखिरी बातचीत छह अक्टूबर को हुई थी। उस दौरान उन्होंने अगली बार मिलने आते समय बच्चों को भी साथ लाने के लिए कहा था। पोते-पोती से मिलने की उनकी इच्छा अधूरी रह गई। फिलहाल पुलिस हत्या और साक्ष्य मिटाने से जुड़े घटनाक्रम की जांच कर रही है। परिचित पड़ोसी के साथ जाने की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग, पूछताछ से मिली जानकारी और नदी से अवशेषों की बरामदगी इस मामले के प्रमुख बिंदु हैं। आरोपियों की भूमिका और वारदात की परिस्थितियों को लेकर आगे की जांच जारी है।

