लखनऊ। उत्तर प्रदेश में एक ओर बाढ़ और जलभराव से प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान तेज किया गया है, वहीं दूसरी ओर स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने प्रदेशभर में वाहनों की जांच का अभियान तेज कर दिया है। 20 अगस्त को सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, जांच के दौरान 6,066 स्कूली वाहन अनफिट पाए गए हैं। वहीं नियमों का उल्लंघन करने वाले 1,072 वाहनों के चालान किए गए और 356 वाहनों को सीज किया गया है।
82 हजार से ज्यादा स्कूली वाहन जांच के दायरे में
प्रदेश में स्कूली बच्चों को लाने-ले जाने के लिए बड़ी संख्या में वाहन संचालित हो रहे हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में करीब 19,680 स्कूल पंजीकृत हैं। इनके अंतर्गत 82,259 स्कूली वाहन संचालित हो रहे हैं। इनमें 74,337 वाहन स्कूलों के नाम पर पंजीकृत हैं, जबकि 8,022 वाहन अनुबंध के आधार पर संचालित किए जा रहे हैं।
परिवहन विभाग इन वाहनों की फिटनेस, दस्तावेज, सुरक्षा मानकों और चालकों से संबंधित जरूरी औपचारिकताओं की जांच कर रहा है। विभाग का उद्देश्य ऐसे वाहनों को सड़क से हटाना है जो बच्चों की सुरक्षित यात्रा के मानकों पर खरे नहीं उतरते।
6,066 वाहन अनफिट, 356 सीज
जांच अभियान के दौरान 6,066 स्कूली वाहनों को अनफिट पाया गया। इन वाहनों के संबंध में नोटिस जारी किए गए हैं। इसके अलावा नियमों का उल्लंघन करने वाले 1,072 वाहनों के चालान किए गए, जबकि गंभीर कमियों वाले 356 वाहनों को सीज कर दिया गया।
प्रशासन की ओर से स्कूल प्रबंधन को भी निर्देश दिए जा रहे हैं कि बच्चों की आवाजाही के लिए केवल निर्धारित सुरक्षा मानकों को पूरा करने वाले वाहनों का ही इस्तेमाल किया जाए।
27 हजार से ज्यादा चालकों का सत्यापन
स्कूली वाहनों के चालकों की पृष्ठभूमि की जांच को भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक अब तक 27,066 स्कूली वाहन चालकों का चरित्र सत्यापन पूरा किया जा चुका है। स्कूलों को बिना आवश्यक सत्यापन के चालक को बच्चों की जिम्मेदारी नहीं सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत-बचाव जारी
दूसरी ओर उत्तर प्रदेश के बाढ़ और जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं। प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ाई गई है। एनडीआरएफ की टीमें भी जरूरत वाले क्षेत्रों में बचाव अभियान चला रही हैं। प्रयागराज के नैनी क्षेत्र में डूबने की घटना के बाद एनडीआरएफ की 11वीं बटालियन के डीप डाइवर्स ने सर्च ऑपरेशन चलाकर शव बरामद किया था।
लोगों से अपील की जा रही है कि वे उफनती नदियों, जलभराव वाले क्षेत्रों और गहरे पानी के पास जाने से बचें। प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की भी सलाह दी गई है।
भारी बारिश से कई इलाकों में खतरा
मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 21 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई थी। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में भी बारिश और फ्लैश फ्लड के जोखिम को लेकर निगरानी की जरूरत बताई गई है। प्रयागराज, कौशांबी, चित्रकूट और बांदा के कुछ वाटरशेड क्षेत्रों में कम से मध्यम फ्लैश फ्लड जोखिम का उल्लेख किया गया है।
ऐसे में प्रशासन के सामने एक साथ दो बड़ी प्राथमिकताएं हैं—बाढ़ प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाना और बारिश के बीच स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना।
स्कूल और अभिभावकों के लिए अहम संदेश
अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे अपने बच्चों को स्कूल भेजते समय वाहन की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान दें। वहीं स्कूल प्रबंधन को यह सुनिश्चित करना होगा कि बच्चों को ले जाने वाले वाहन फिटनेस मानकों को पूरा करते हों और चालक का आवश्यक सत्यापन पूरा हो।
परिवहन विभाग की कार्रवाई से साफ है कि नियमों की अनदेखी करने वाले स्कूली वाहनों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रह सकती है। वहीं बाढ़ प्रभावित इलाकों में प्रशासन और राहत एजेंसियां स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

