Kangra. कांगड़ा। बदलते मौसम के साथ ही क्षेत्र में ठंड एक बार फिर बढऩे लगी है। सुबह से हो रही बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिसके चलते लोगों ने एक बार फिर अपने गर्म कपड़े निकालने शुरू कर दिए हैं। सोमवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे और रुक-रुक कर बारिश होती रही, जिससे पूरे क्षेत्र में ठंडक का असर महसूस किया गया। शक्तिपीठ माता ब्रजेश्वरी मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु भी मौसम के बदले मिजाज के चलते गर्म कपड़ों में दिखाई दिए। बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई और दूर-दूर से आए श्रद्धालु माता के दरबार में माथा टेकने पहुंचे। स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कल से मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। कभी तेज धूप तो कभी बादल और बारिश के कारण मौसम में ठंडक का एहसास फिर से होने लगा है, जिससे लोगों को एक बार फिर गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है। अवाहदेवी-टीहरा-धर्मपुर क्षेत्र में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश और सोमवार को हुई ओलावृष्टि के बाद तापमान में अचानक गिरावट दर्ज की गई, जिससे पूरे क्षेत्र में ठंड का असर
बढ़ गया है।
शीतलहर की वापसी के चलते लोगों को एक बार फिर गर्म कपड़े निकालने पड़े हैं। सुबह-शाम की ठंड बढऩे से लोग हीटर और अलाव का सहारा लेते नजर आए। बाजारों में भी ठंड का असर साफ दिखाई दिया और लोगों की आवाजाही में कमी देखी गई। उपमंडल अंब में पिछले दो दिनों से हो रही बारिश के चलते मौसम एक बार फिर ठंडा हो गया है और क्षेत्रवासी दोबारा गर्म कपड़े पहनने को मजबूर हो गए हैं। सोमवार को हुई ओलावृष्टि के बाद तापमान में अचानक गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को सर्दी से बचने के लिए हीटर और चूल्हे की आग का सहारा लेना पड़ा। बाजारों और घरों में लोग ठंड से बचाव के उपाय करते नजर आए। लगातार हो रही बारिश से किसानों और बागबानों के चेहरों पर खुशी देखने को मिल रही है। लंबे समय से बारिश न होने के कारण गेहूं और सरसों की फसलों पर विपरीत असर पड़ रहा था, जिससे किसानों को चिंता सताने लगी थी। लेकिन अब हुई बारिश से फसलों को संजीवनी मिलने की उम्मीद जगी है। किसानों का कहना है कि इस समय हुई बारिश से गेहूं की फसल को काफी फायदा होगा और पैदावार बेहतर होने की संभावना बढ़ गई है। वहीं सरसों की फसल को भी नमी मिलने से राहत मिली है। किसानों को उम्मीद है कि यदि आने वाले दिनों में मौसम अनुकूल रहा तो इस वर्ष फसल अच्छी हो सकती है।

