Cabinet: नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने देश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में ‘सार्थक-पीडीएस’ योजना को मंजूरी दे दी गई। इस योजना पर अगले पांच वर्षों में 25,530 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नई व्यवस्था 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक लागू रहेगी।
80 करोड़ से अधिक लोगों को मिलेगा लाभ
सरकार के अनुसार, इस योजना का सीधा लाभ राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत राशन पाने वाले 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को मिलेगा। सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम चला रहा है और इसे और मजबूत बनाने के लिए यह फैसला लिया गया है।
राशन व्यवस्था को बनाया जाएगा डिजिटल
‘सार्थक-पीडीएस’ योजना के तहत राशन वितरण प्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग और ब्लॉकचेन जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा। इससे राशन वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी और कालाबाजारी तथा लीकेज पर रोक लगेगी।
एआई आधारित तीन नए मॉड्यूल
सरकार ने पीडीएस को स्मार्ट बनाने के लिए तीन प्रमुख एआई मॉड्यूल तैयार किए हैं:
-निर्मल: लाभार्थियों की डिजिटल पहचान और डेटा प्रबंधन
-आशा: कॉल, व्हाट्सएप और चैटबॉट आधारित शिकायत निवारण प्रणाली
-सक्षम: सप्लाई चेन, वाहन ट्रैकिंग और रूट मैनेजमेंट सिस्टम
राशन डीलरों और राज्यों को भी सहायता
योजना के तहत राज्यों को खाद्यान्न परिवहन और राशन दुकानों के संचालन के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी। सरकार का दावा है कि नई व्यवस्था से हर साल करीब 280 करोड़ रुपये की बचत होगी और कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी।

