Raipur. रायपुर। राजधानी रायपुर के मौदहापारा थाना क्षेत्र में 39 लाख रुपये की ठगी के मामले में मुख्य आरोपी मोहम्मद इमरान नवाब को कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। गिरफ्तारी से बचने के लिए दायर की गई उसकी अग्रिम जमानत याचिका को IX अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (कोर्ट नंबर 86) ने सुनवाई के बाद खारिज कर दिया। जानकारी के अनुसार, पीड़ित मोहम्मद शाहनवाज ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि इमरान नवाब ने योजना बनाकर उनसे कुल 39 लाख रुपये की ठगी की। शिकायतकर्ता द्वारा पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत किए जाने के बावजूद मौदहापारा पुलिस द्वारा मामला दर्ज करने में लगभग 135 दिनों की देरी हुई।
जिससे आरोपी को फरार होने और साक्ष्य प्रभावित करने का समय मिल गया। बाद में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 406 और 506 के तहत अपराध दर्ज किया। गिरफ्तारी की आशंका को देखते हुए आरोपी ने अपने वकील के माध्यम से अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी। मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय ने प्रस्तुत तथ्यों और आरोपों की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने माना कि प्रथम दृष्टया मामला गंभीर है और आरोपी की भूमिका भी महत्वपूर्ण प्रतीत होती है, इसलिए उसे राहत देना उचित नहीं होगा।
जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब आरोपी की गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया है। पुलिस के लिए अब यह एक महत्वपूर्ण परीक्षा मानी जा रही है कि वह फरार आरोपी को कितनी जल्द पकड़ पाती है। इस मामले में पुलिस की शुरुआती देरी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि एफआईआर दर्ज करने में हुई लंबी देरी से जांच की दिशा प्रभावित होने की आशंका जताई गई है। पीड़ित पक्ष को अब उम्मीद है कि न्यायिक प्रक्रिया के आगे बढ़ने के साथ उन्हें राहत मिलेगी और उनकी राशि की वसूली हो सकेगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी की तलाश जारी है और उसे जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही मामले की आगे की जांच भी जारी है।

