Ghazipur. गाजीपुर। उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले में एक युवती के भगा लिए जाने का मामला सामने आया है, जिसने इलाके में सनसनी मचा दी है। स्थानीय महिला ने आरोप लगाया कि उसका बेटी फेसबुक पर हुई दोस्ती और भरोसे के जाल में फंसकर अपने मुस्लिम आशिक के साथ फरार हो गई। युवक ने अपने नाम को बदलकर ‘राहुल’ बताया और शादी का झांसा देकर लड़की को भगाया। परिवार का कहना है कि उन्हें डर है कि लड़की का धर्मांतरण कराकर उसका निकाह कर दिया जा सकता है।
घटना का प्रारंभ और आरोपी की पहचान
मामला गाजीपुर कोतवाली इलाके के एक मोहल्ले का है। पीड़ित महिला ने पुलिस को शिकायत दी कि उसकी बेटी को अब्दुल्ला उर्फ राहुल, पुत्र आफताब, ने बहकाकर घर से भगा लिया। महिला ने आरोप लगाया कि युवक ने पहले फेसबुक के माध्यम से लड़की से दोस्ती की और फिर शादी का झांसा देकर उसे भगाया। पीड़ित महिला ने बताया कि उनका पति कपड़ों की फेरी करते हैं, और वह खुद अपने बच्चों के साथ मोहल्ले में कपड़े की दुकान चलाती हैं। 11 मार्च को दुकान पर जाते समय उनकी बेटी ने पिता को फोन किया कि उसे दुकान पर छोड़ा जाए या वह अकेले चली जाए। पिता ने कहा कि वह दुकान पर चले जाएं, लेकिन बेटी दुकान पर नहीं गई और राहुल उर्फ अब्दुल्ला के बहकावे में आकर फरार हो गई। महिला ने आरोप लगाया कि बेटी ने अपने मोबाइल को घर पर छोड़ दिया और जाते समय ₹50,000 नगदी और कुछ गहने भी अपने साथ ले गई। परिवार ने बेटी के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की, लेकिन पता चला कि वह राहुल के साथ फरार हो चुकी थी।
परिवार की आशंका
पीड़ित मां ने पुलिस को बताया कि अब्दुल्ला के पिता और मामा ने मिलकर साजिश रची है और उसकी बेटी का निकाह कर सकते हैं। परिवार के अनुसार यह सब बहुत ही योजना पूर्वक किया गया। महिला ने कहा कि लड़की के बारे में कोई जानकारी न मिलने पर उन्हें मजबूर होकर पुलिस से मदद लेनी पड़ी। पुलिस ने महिला की शिकायत पर राहुल उर्फ अब्दुल्ला, उसके पिता और मामा के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है और आसपास के सभी स्थानों में तलाशी अभियान चला रही है। एसएचओ ने बताया कि पुलिस सभी संभावित सुरागों को जुटा रही है और लड़की को सुरक्षित ढंग से परिवार के पास लाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने फेसबुक चैट और डिजिटल माध्यमों की जांच शुरू कर दी है ताकि इस मामले के पीछे की साजिश का पता लगाया जा सके।
सोशल मीडिया और जाल
घटना फेसबुक से शुरू हुई। आरोपी ने सोशल मीडिया पर अपनी पहचान बदलकर लड़की से संपर्क किया और दोस्ती का झांसा देकर उसकी विश्वास जीतने में कामयाबी पाई। इस तरह के मामलों में युवकों द्वारा सोशल मीडिया का इस्तेमाल करके लड़कियों को फंसाया जाना और उनका अपहरण करवाना चिंता का विषय बनता जा रहा है। घटना ने इलाके में लोगों में चिंता बढ़ा दी है। समुदाय और पड़ोसी इस घटना के प्रति सतर्क हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामलों में माता-पिता को बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर ध्यान देना चाहिए और पुलिस को समय पर सूचित करना चाहिए। कानूनी दृष्टिकोण से, यह मामला अपहरण, धोखाधड़ी, और धर्मांतरण की आशंका का है। पुलिस इसे गंभीरता से ले रही है और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का दावा किया है।

