महुआ मोइत्रा (Photo Credits:X)
कोलकाता, 4 मई: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 (West Bengal Legislative Assembly Elections 2026) के नतीजों की गहमागहमी के बीच तृणमूल कांग्रेस (TMC) की वरिष्ठ नेता महुआ मोइत्रा (Mahua Moitra) ने भारतीय चुनाव आयोग (ECI) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. मतगणना के दौरान महुआ मोइत्रा ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग (Election Commission of India) जानबूझकर आधिकारिक पोर्टल पर डेटा अपडेट करने में देरी कर रहा है. उन्होंने इस देरी को विपक्षी दलों की बढ़त को छिपाने और “बीजेपी की जीत का भ्रम” फैलाने की एक सोची-समझी कोशिश करार दिया है. यह भी पढ़ें: West Bengal Election Result 2026: अंत में तृणमूल ही जीतेगी’, ममता बनर्जी का कार्यकर्ताओं को संदेश (Watch Video)
70 सीटों के डेटा पर विवाद
महुआ मोइत्रा का दावा है कि कई राउंड की मतगणना पूरी होने के बावजूद कम से कम 70 विधानसभा क्षेत्रों का डेटा चुनाव आयोग की वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया गया है. उन्होंने सोशल मीडिया और मीडिया बयानों के जरिए कहा कि मतगणना केंद्रों से मिल रहे जमीनी रुझान आयोग के पोर्टल पर दिख रहे आंकड़ों से मेल नहीं खा रहे हैं.
टीएमसी सांसद ने आरोप लगाया कि आयोग द्वारा डेटा को रोकने का उद्देश्य जनता के बीच एक ऐसा नैरेटिव (विमर्श) सेट करना है, जिससे ऐसा लगे कि बीजेपी सत्ता की ओर बढ़ रही है.
महुआ मोइत्रा ने ECI पर बंगाल की 70 सीटों के डेटा में देरी का आरोप लगाया
VIDEO | West Bengal Election Results: TMC MP Mahua Moitra (@MahuaMoitra) alleges ECI not uploading data of 70 seats, trying to project BJP victory.#WestBengalPollResults2026#Results2026WithPTI#AssemblyElectionResults2026
(Source: Third Party)
(Full video available on PTI… pic.twitter.com/eqexTFquRL
— Press Trust of India (@PTI_News) May 4, 2026
टीएमसी ने उठाए निष्पक्षता पर सवाल
मोइत्रा के इन आरोपों के बाद टीएमसी समर्थकों ने राज्य भर के मतगणना केंद्रों पर निगरानी बढ़ा दी है. पार्टी का कहना है कि डेटा अपलोड करने में इस तरह की देरी चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर संदेह पैदा करती है. हालांकि, भारतीय चुनाव आयोग ने अभी तक महुआ मोइत्रा के इन विशिष्ट आरोपों पर कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण या औपचारिक खंडन जारी नहीं किया है.
राजनीतिक तनाव और सुरक्षा
महुआ मोइत्रा के बयानों के बाद बंगाल के राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है. जहां टीएमसी इसे लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग बता रही है, वहीं स्थानीय बीजेपी नेतृत्व ने इन आरोपों को “हार की बौखलाहट” करार दिया है. राज्य में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए मतगणना केंद्रों के बाहर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है.

