राजस्थान में हैरान करने वाला मामला: पति का आरोप- डमी कैंडिडेट से दिलवाई रेलवे की नौकरी, शिकायत के बाद महिला कर्मचारी सस्पेंड; जांच एजेंसियां जुटीं जांच में
राजस्थान/कोटा। राजस्थान से पति-पत्नी के रिश्ते और सरकारी नौकरी में कथित फर्जीवाड़े से जुड़ा एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। करौली जिले के रहने वाले मनीष मीणा का आरोप है कि उसने अपनी पत्नी सपना मीणा के बेहतर भविष्य और सरकारी नौकरी के सपने को पूरा करने के लिए लाखों रुपये खर्च किए। दावा है कि उसने पत्नी की पढ़ाई और नौकरी की तैयारी के लिए करीब 15 लाख रुपये का कर्ज लिया और जमीन तक गिरवी रख दी।
मनीष का आरोप है कि रेलवे में पत्नी की नौकरी लगने के कुछ ही महीनों बाद पत्नी ने उसका साथ छोड़ दिया और उसे बेरोजगार बताकर अलग हो गई। इसके बाद पति ने पत्नी की भर्ती प्रक्रिया पर ही गंभीर सवाल खड़े करते हुए रेलवे और जांच एजेंसियों में शिकायत कर दी।
पति का दावा- 15 लाख रुपये लेकर जमीन गिरवी रखी
मनीष मीणा के मुताबिक, उसकी शादी 22 जनवरी 2022 को सपना मीणा से हुई थी। पत्नी पढ़ाई करना चाहती थी, इसलिए वह उसे कोटा लेकर गया और उसकी पढ़ाई व कोचिंग का खर्च उठाया।
मनीष का दावा है कि इसी दौरान रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर पैसों की मांग की गई। उसके आरोप के मुताबिक, उसने जमीन गिरवी रखकर करीब 15 लाख रुपये का कर्ज लिया।
हालांकि, यह पूरी कहानी फिलहाल शिकायतकर्ता पति के बयानों और जांच में सामने आए तथ्यों पर आधारित है।
डमी कैंडिडेट से परीक्षा दिलाने का आरोप
मनीष ने आरोप लगाया कि रेलवे भर्ती परीक्षा में उसकी पत्नी की जगह एक दूसरी युवती को डमी कैंडिडेट के तौर पर बैठाया गया था। रिपोर्टों के अनुसार, उसने इस कथित फर्जीवाड़े में अपनी पत्नी के रिश्तेदार और रेलवे से जुड़े कुछ लोगों की भूमिका होने का भी आरोप लगाया।
पति ने दावा किया कि लक्ष्मी मीणा नाम की युवती ने सपना की जगह परीक्षा दी और कथित तौर पर सत्यापन व मेडिकल प्रक्रिया में भी मदद की गई।
इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए मनीष ने रेलवे के अधिकारियों, विजिलेंस और अन्य एजेंसियों से शिकायत की।
नौकरी लगी तो रिश्ते में आई दरार
मनीष का आरोप है कि पत्नी की रेलवे में नौकरी लगने के कुछ समय बाद दोनों के रिश्ते में दूरी बढ़ गई। उसके मुताबिक, पत्नी ने उसे बेरोजगार बताते हुए उसके साथ रहने से इनकार कर दिया।
रिपोर्टों में मनीष के हवाले से यह भी कहा गया है कि नौकरी मिलने के कुछ महीनों बाद सपना उससे अलग रहने लगीं। यही वह मोड़ था, जिसके बाद पति ने कथित भर्ती फर्जीवाड़े की शिकायत करने का फैसला किया।
शिकायत के बाद रेलवे ने किया सस्पेंड
मामले में शिकायत मिलने के बाद रेलवे ने सपना मीणा को निलंबित कर दिया।
कोटा रेल मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य अधिकारी सौरभ जैन के अनुसार, महिला कर्मचारी के खिलाफ शिकायत मिली थी और मामले की जांच की जा रही थी। रेलवे की ओर से निलंबन की कार्रवाई की गई।
अमर उजाला और अन्य रिपोर्टों के अनुसार, मनीष ने परीक्षा के दौरान लिए गए फोटो, फिंगरप्रिंट और अन्य दस्तावेजों की जांच कराने की मांग भी की थी।
मामला CBI तक पहुंचा
बाद की रिपोर्टों के मुताबिक, मनीष ने रेलवे विजिलेंस के साथ-साथ CBI में भी शिकायत की। India Today की रिपोर्ट के अनुसार, मामले में CBI ने केस दर्ज किया और जांच के दौरान करौली, कोटा और अलवर में कार्रवाई करते हुए भर्ती से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए। रिपोर्ट में जांचकर्ताओं द्वारा भर्ती प्रक्रिया में कथित तौर पर फर्जी फोटो और पहचान के इस्तेमाल की बात भी कही गई है।
9 लाख रुपये का भी लगाया आरोप
मनीष ने एक और गंभीर आरोप लगाया है। उसके मुताबिक, जब उसने कथित भर्ती फर्जीवाड़े में शामिल बताए जा रहे लोगों से संपर्क किया तो उससे नौकरी के नाम पर अतिरिक्त 9 लाख रुपये भी मांगे गए।
हालांकि, इस रकम और पूरे लेनदेन से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच के अंतिम नतीजे से ही हो सकेगी।
अब जांच में खुलेगा पूरा सच
यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि इसमें एक तरफ पति का दावा है कि उसने पत्नी के भविष्य के लिए कर्ज लेकर उसकी पढ़ाई कराई और जमीन गिरवी रखी, जबकि दूसरी तरफ उसी पति की शिकायत के बाद पत्नी की रेलवे नौकरी की भर्ती प्रक्रिया जांच के घेरे में आ गई।
फिलहाल डमी कैंडिडेट के जरिए नौकरी पाने का आरोप जांच का विषय है। महिला कर्मचारी पर लगाए गए आरोपों को अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता। जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि भर्ती प्रक्रिया में वास्तव में फर्जीवाड़ा हुआ था या नहीं।

