प्रतीकात्मक चित्र
सिद्धार्थनगर। उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां पांच बच्चों की मां अपने ही गांव में रहने वाले चार बच्चों के पिता के साथ घर छोड़कर चली गई। दोनों के पहले से शादीशुदा होने के बावजूद साथ जाने और शादी की तस्वीरें सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से मामला चर्चा में आ गया। दोनों परिवारों को इस बात की जानकारी फेसबुक पर तस्वीरें सामने आने के बाद हुई। इस घटना के बाद कुल नौ बच्चों के भविष्य और उनके भरण-पोषण को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। यह मामला अप्रैल 2025 में सामने आया था।
तीन दिन तक पत्नी के मायके जाने की बात सोचता रहा पति
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, मामला सिद्धार्थनगर जिले के सदर थाना क्षेत्र के महरिया गांव का है। यहां रहने वाली गीता अपने पति श्रीचंद और पांच बच्चों को छोड़कर गांव के ही गोपाल पटवा के साथ चली गई थी। बताया गया कि घटना के बाद श्रीचंद को लगा कि उसकी पत्नी नाराज होकर मायके चली गई होगी। शुरुआत में उसे पत्नी के इस तरह घर छोड़ने की वास्तविक वजह का पता नहीं चला।
करीब तीन दिन बाद ग्रामीणों ने श्रीचंद को बताया कि गोपाल के फेसबुक अकाउंट पर गीता के साथ शादी जैसी रस्म के दौरान की तस्वीरें पोस्ट की गई हैं। तस्वीरें देखने के बाद श्रीचंद को पूरे मामले की जानकारी हुई। इसके बाद परिवार में हड़कंप मच गया।
चार बेटियां और एक बेटे को छोड़कर गई महिला
रिपोर्ट के अनुसार, गीता के पांच बच्चे हैं, जिनमें चार बेटियां और एक बेटा शामिल है। उसकी सबसे बड़ी बेटी की उम्र करीब 19 वर्ष, जबकि सबसे छोटी बेटी की उम्र लगभग पांच साल बताई गई है।
श्रीचंद के सामने अब बच्चों की परवरिश और परिवार चलाने की जिम्मेदारी है। बताया गया कि वह पहले मुंबई में वड़ा पाव की दुकान पर काम करता था। कुछ समय से वह गांव में रहकर मजदूरी के जरिए अपने परिवार का खर्च चला रहा था।
श्रीचंद ने आरोप लगाया कि गीता घर से 90 हजार रुपये नकद और जेवर लेकर गई है। उसने कहा कि वह चाहता है कि घर से ले जाए गए रुपये और गहने वापस मिल जाएं। पत्नी के इस कदम से परेशान श्रीचंद ने अपनी स्थिति को लेकर भी चिंता जताई।
गोपाल के भी हैं चार बच्चे, पत्नी ने मांगा भरण-पोषण
इस मामले में गोपाल पटवा का परिवार भी प्रभावित हुआ है। गोपाल के चार बच्चे हैं। उसकी पत्नी के मुताबिक, गोपाल मुंबई में राखी बनाने का काम करता था, लेकिन वह काफी समय से परिवार के खर्च के लिए पैसे नहीं भेज रहा था।
गोपाल की पत्नी ने बताया कि वह एक निजी अस्पताल में साफ-सफाई का काम करके अपने बच्चों का पालन-पोषण कर रही है। पति के गीता के साथ चले जाने और शादी की तस्वीरें सामने आने के बाद उसने बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता जताई।
रिपोर्ट के अनुसार, गोपाल की पत्नी ने मांग की कि उसके बच्चों को भरण-पोषण के लिए आर्थिक सहायता मिले और संपत्ति में उनके अधिकारों का ध्यान रखा जाए। उसका कहना था कि बच्चों की जिम्मेदारी से गोपाल को पीछे नहीं हटना चाहिए।
दोनों परिवारों ने पुलिस से लगाई थी गुहार
मीडिया रिपोर्टों में श्रीचंद और गोपाल की पत्नी के हवाले से बताया गया कि उन्होंने मामले को लेकर पुलिस से शिकायत करने की बात कही थी। श्रीचंद का आरोप था कि शिकायत के बावजूद उसकी समस्या पर कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, गोपाल की पत्नी ने भी पुलिस से मदद नहीं मिलने की बात कही थी।
हालांकि, घटना के शुरुआती दिनों में पुलिस की ओर से दिए गए बयान और परिवारों के आरोपों में अंतर था। समाचार एजेंसी पीटीआई की 9 अप्रैल 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, उस समय सिद्धार्थनगर थाने के प्रभारी ने कहा था कि पुलिस को घटना की जानकारी मिली है, लेकिन शिकायत प्राप्त नहीं हुई थी। उन्होंने शिकायत मिलने पर कानून के अनुसार कार्रवाई की बात कही थी।
नौ बच्चों के भविष्य को लेकर उठे सवाल
इस घटना में सबसे ज्यादा चिंता उन नौ बच्चों की स्थिति को लेकर सामने आई, जिनके माता-पिता अपने-अपने परिवार छोड़कर चले गए। एक तरफ श्रीचंद अपनी चार बेटियों और बेटे की परवरिश की जिम्मेदारी निभा रहा है, तो दूसरी तरफ गोपाल की पत्नी अपने चार बच्चों के खर्च के लिए काम कर रही है।
दोनों परिवारों की ओर से सामने आई बातों में आर्थिक परेशानियों और बच्चों के भरण-पोषण की चिंता प्रमुख रही। इस मामले ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया कि जब माता-पिता के बीच वैवाहिक संबंधों को लेकर विवाद होता है, तो उसका असर बच्चों की पढ़ाई, सुरक्षा और भविष्य पर किस तरह पड़ सकता है।

