छिंदवाड़ा। मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के तामिया थाना क्षेत्र में सेप्टिक टैंक के अंदर काम करने के दौरान हुए हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि दूसरा मजदूर गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है। हादसा कुरसीढाना गांव में एक नवनिर्मित मकान के सेप्टिक टैंक में शटरिंग खोलने के दौरान हुआ।
जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को मोहन कुमरे (35) और दियालाल धुर्वे (36) निर्माणाधीन मकान के सेप्टिक टैंक के अंदर शटरिंग हटाने के लिए उतरे थे। बताया जा रहा है कि टैंक के भीतर जाने के कुछ ही समय बाद दोनों की तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए। आशंका है कि बंद टैंक के अंदर जमा गैस की चपेट में आने से यह स्थिति बनी।
टैंक से निकालकर अस्पताल पहुंचाया
दोनों मजदूरों के बेहोश होने की जानकारी मिलते ही मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें सेप्टिक टैंक से बाहर निकाला। इसके बाद दोनों को तत्काल इलाज के लिए तामिया सिविल अस्पताल ले जाया गया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने दोनों का उपचार शुरू किया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण मोहन कुमरे को बचाया नहीं जा सका। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं दूसरे मजदूर दियालाल धुर्वे की हालत गंभीर बताई गई। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए छिंदवाड़ा जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
जहरीली गैस की आशंका, जांच में जुटी पुलिस
प्रारंभिक जानकारी में सेप्टिक टैंक के अंदर जमा गैस को हादसे की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि, गैस की वास्तविक प्रकृति और हादसे की परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
तामिया थाना प्रभारी आशीष जैतवार के अनुसार, सेप्टिक टैंक में उतरने के बाद दोनों मजदूर बेहोश हुए थे। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि टैंक के अंदर काम करने के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे या नहीं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद सामने आएगी स्थिति
पुलिस निर्माण स्थल पर मौजूद लोगों से पूछताछ कर रही है और घटना से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों और हादसे में संभावित लापरवाही को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी।
यह घटना एक बार फिर बंद और गहरे टैंकों में बिना पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के उतरने के खतरे को सामने लाती है। सेप्टिक टैंक जैसे बंद स्थानों में जहरीली या ऑक्सीजन की कमी वाली गैस जमा हो सकती है, इसलिए ऐसे स्थानों में प्रवेश से पहले सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है।

