नई दिल्ली। उत्तर-पूर्वी दिल्ली के मौजपुर-जाफराबाद इलाके के एक निजी प्ले स्कूल में साढ़े तीन साल के बच्चे के साथ कथित मारपीट और यौन दुर्व्यवहार का बेहद गंभीर मामला सामने आया है। CCTV फुटेज सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया। आरोप है कि बच्चे को कुर्सी से बांधा गया, उसके कान खींचे गए और उसके साथ मारपीट की गई।
18 अगस्त को बच्चे की हालत देखकर परिवार को हुआ शक
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, 18 अगस्त 2026 को बच्चा स्कूल से घर लौटने के बाद असामान्य रूप से परेशान नजर आया। उसकी आंख और कान में सूजन थी और उसे उल्टियां भी हो रही थीं। परिवार को उसके व्यवहार में बदलाव दिखाई दिया, जिसके बाद उन्होंने बच्चे को डॉक्टर को दिखाया। रिपोर्टों में कान के पर्दों में गंभीर सूजन का भी जिक्र है।
CCTV फुटेज से सामने आया कथित अत्याचार
बच्चे की हालत देखकर परिवार ने स्कूल से CCTV फुटेज देखने की मांग की। रिपोर्टों के मुताबिक, परिवार को पुरानी CCTV फुटेज तक पहुंच मिली, जिसमें 16, 17 और 18 अगस्त की घटनाओं में बच्चे के साथ कथित मारपीट दिखाई दी। फुटेज में बच्चे को कुर्सी से बांधने, कान पकड़कर खींचने और मारने जैसे आरोप सामने आए हैं।
परिवार ने स्कूल की एक आया पर बच्चे के साथ कथित यौन दुर्व्यवहार का भी आरोप लगाया है। यह आरोप पुलिस जांच के दायरे में है और इसकी पुष्टि जांच तथा मेडिकल/फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर होगी।
चार लोगों के खिलाफ FIR
मामले में जाफराबाद थाना पुलिस ने स्कूल की निदेशक, प्रधानाचार्य, एक शिक्षिका और आया के खिलाफ FIR दर्ज की है। आरोपियों के खिलाफ POCSO Act, Juvenile Justice Act और BNS की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस ने CCTV फुटेज और DVR को भी जांच के लिए कब्जे में लिया है।
शिक्षा विभाग ने बनाई जांच कमेटी
मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली शिक्षा निदेशालय ने भी जांच समिति गठित की है। समिति की अध्यक्षता अतिरिक्त शिक्षा निदेशक करेंगे और उसे मामले की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं।
CM रेखा गुप्ता के निर्देश पर स्कूल सील
मामला सामने आने के बाद दिल्ली सरकार ने भी कड़ा रुख अपनाया। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर स्कूल परिसर को सील करने की कार्रवाई की गई। प्रशासनिक जांच के दौरान स्कूल में फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट, बिल्डिंग प्लान और इमरजेंसी एग्जिट जैसी कई कथित कमियां भी सामने आने की बात कही गई है।
बच्चे की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने छोटे बच्चों की सुरक्षा और निजी प्ले स्कूलों में कर्मचारियों की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि CCTV, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
फिलहाल मामले में लगाए गए यौन दुर्व्यवहार के आरोपों को आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए; अंतिम सत्य जांच और अदालत की प्रक्रिया से तय होगा।

