नई दिल्ली: पेट्रोलियम मंत्रालय (Ministry of Petroleum) ने गुरुवार को उन मीडिया रिपोर्ट्स को सिरे से खारिज कर दिया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनावों (West Bengal and Tamil Nadu Assembly Elections) के बाद देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतें (Petrol and Diesel Prices) बढ़ सकती हैं. मंत्रालय ने इन खबरों को ‘शरारतपूर्ण और भ्रामक’ करार दिया है. सोशल मीडिया (Social Media) प्लेटफॉर्म ‘X’ पर एक पोस्ट के माध्यम से मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि सरकार के पास ईंधन की कीमतों को बढ़ाने का ऐसा कोई प्रस्ताव फिलहाल विचाराधीन नहीं है.
नागरिकों में डर पैदा करने की कोशिश: मंत्रालय
पेट्रोलियम मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि इस तरह की खबरें नागरिकों के बीच डर और घबराहट पैदा करने के उद्देश्य से फैलाई जा रही हैं. मंत्रालय ने जोर देकर कहा कि भारत दुनिया का एकमात्र ऐसा प्रमुख देश बना हुआ है, जहां पिछले चार वर्षों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है. सरकार और तेल सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल के बावजूद आम नागरिकों को इसके असर से बचाने के लिए निरंतर कदम उठाए हैं.
वैश्विक तनाव के बावजूद भारत में कीमतें स्थिर
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ के बंद होने के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतों में भारी उछाल आया है। इसके बावजूद, भारत में ईंधन की कीमतें अपरिवर्तित बनी हुई हैं. उद्योग के आंकड़ों के अनुसार, जहाँ कई देशों में इस साल ईंधन की कीमतों में 85 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी गई है, वहीं भारत ने अपने नागरिकों को इस वैश्विक संकट से सुरक्षित रखा है.
मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने घरेलू एलपीजी (LPG) की आपूर्ति पर भी अपडेट दिया. उन्होंने बताया कि देश भर में रसोई गैस की आपूर्ति सामान्य है और किसी भी वितरक के पास गैस की कमी (Dry-out) की कोई रिपोर्ट नहीं है.
कच्चा तेल लेकर मुंबई पहुँचा भारतीय टैंकर
इस बीच, 31 भारतीय नाविकों को ले जा रहा भारतीय ध्वज वाला कच्चा तेल टैंकर ‘देश गरिमा’ (Desh Garima) बुधवार को मुंबई पहुँच गया है. इस टैंकर ने 18 अप्रैल 2026 को तनावपूर्ण स्थिति के बीच ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ को पार किया था.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें
वैश्विक स्तर पर, गुरुवार को तेल की कीमतों में बढ़त देखी गई. अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता के अगले दौर को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण ऊर्जा का मुख्य मार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ प्रभावी रूप से बंद है. इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज पर जून के लिए ब्रेंट क्रूड का कॉन्ट्रैक्ट 4 प्रतिशत बढ़कर 103.35 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 1.62 प्रतिशत बढ़कर 94.47 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँच गया.

