Mumbai Bandra Demolition Violence: मुंबई के बांद्रा ईस्ट इलाके में स्थित गरीब नगर झुग्गी बस्ती में अतिक्रमण हटाने के अभियान के दौरान अचानक हिंसा भड़क गई. बुधवार को दूसरे दिन की कार्रवाई के दौरान गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने विध्वंस कर रही टीमों और सुरक्षा बलों पर पथराव कर दिया. इस पथराव में कम से कम सात पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा. इस घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है.
धार्मिक ढांचे को हटाए जाने पर बढ़ा तनाव
यह पूरी कार्रवाई बॉम्बे हाई कोर्ट के निर्देशों के बाद पश्चिमी रेलवे (Western Railway) द्वारा रेलवे की जमीन पर किए गए अवैध कब्जों को हटाने के लिए की जा रही है. अधिकारियों के अनुसार, अभियान के दूसरे दिन जब टीम ने झुग्गी परिसर के भीतर बने एक कथित अनधिकृत धार्मिक ढांचे और उस पर लगे एक निजी टेलीकॉम टॉवर को हटाने की कोशिश की, तो वहां बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए. देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई और उसने पुलिस व रेलवे अधिकारियों पर पथराव शुरू कर दिया. इसके अलावा घरों से पानी की बाल्टियां और बर्तन भी फेंके गए. यह भी पढ़े: Railway Bulldozer Action: मुंबई के बांद्रा ईस्ट में अवैध झोपड़ियों पर चला रेलवे का बुलडोजर, बॉम्बे HC के आदेश के बाद 400 निर्माणों को हटाने का काम शुरू; VIDEO
बांद्रा अतिक्रमण विरोधी अभियान
The administration’s bulldozer action in Garib Nagar, Bandra East, Mumbai: The detention of protesters during the demolition drive created a tense atmosphere in Garib Nagar. Heavy police presence and emotional scenes were witnessed ! pic.twitter.com/DFgNo28e9i
— Dharm (@dhram00) May 21, 2026
पुलिस का लाठीचार्ज और 10 लोग हिरासत में
भीड़ को तितर-बितर करने और स्थिति पर काबू पाने के लिए मौके पर मौजूद दंगा नियंत्रण पुलिस (Riot Control Police) और स्थानीय पुलिस ने लाठीचार्ज किया. अधिकारियों ने बताया कि इस हिंसा के सिलसिले में अब तक करीब 10 से 15 लोगों को हिरासत में लिया गया है. पुलिस ने उपद्रवियों के खिलाफ गैरकानूनी रूप से इकट्ठा होने, दंगा भड़काने और सरकारी कर्मचारियों पर हमला करने के आरोप में एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है. घायल पुलिसकर्मियों और कुछ नागरिकों को इलाज के लिए पास के भाभा और वीएन देसाई अस्पताल ले जाया गया है.
तोड़क कार्रवाई का वीडियो
Bulldozers rolled through a slum in #Mumbai‘s Bandra East area. This slum, inhabited nearly two hundred years ago, now lies abandoned. Residents, along with their wives and children, sat in an open field, carrying household items, watching their homes collapse. https://t.co/9N5bMb3nVe pic.twitter.com/x602Bq94nZ
— Siraj Noorani (@sirajnoorani) May 20, 2026
बेघर हुए परिवारों ने जताई नाराजगी
इस बीच, स्थानीय निवासियों ने रेलवे और प्रशासन की इस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं. झुग्गियों में रहने वाले परिवारों का आरोप है कि उन्हें अपना सामान सुरक्षित निकालने के लिए पर्याप्त समय नहीं दिया गया. अचानक हुई इस कार्रवाई के कारण कई परिवार, जिनमें बुजुर्ग और छोटे बच्चे शामिल हैं, खुले आसमान के नीचे आ गए हैं. हालांकि, रेलवे अधिकारियों का कहना है कि 2021 के सर्वे के आधार पर जो लोग पुनर्वास (Rehabilitation) के पात्र थे, उनके आशियानों को सुरक्षा दी गई है और केवल अवैध निर्माणों को ही तोड़ा जा रहा है.
स्टेशन रोड बंद, यात्रियों को हुई परेशानी
तनाव को देखते हुए पुलिस ने एहतियात के तौर पर बांद्रा कोर्ट से लेकर निर्मल नगर के बीच के मुख्य स्टेशन रोड को पूरी तरह बंद कर दिया. इस रास्ते के बंद होने से बांद्रा टर्मिनस जाने वाले यात्रियों को भारी जाम का सामना करना पड़ा. कई यात्रियों को भारी सामान के साथ पैदल ही स्टेशन की तरफ जाते देखा गया, जिसके कारण कुछ लोगों की ट्रेनें भी छूट गईं.
यह पांच दिवसीय अभियान 23 मई तक चलना है, जिसके तहत बांद्रा स्टेशन के पास करीब 5,200 वर्ग मीटर रेलवे भूमि को खाली कराया जाना है. इस जमीन का उपयोग बांद्रा टर्मिनस के विस्तार और रेलवे लाइनों को बढ़ाने के लिए किया जाएगा. फिलहाल सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर इस कार्रवाई के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिन्हें देखते हुए पुलिस सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रख रही है.

