हुब्बल्ली। कर्नाटक के हुब्बल्ली शहर में पतंग उड़ाने के लिए इस्तेमाल होने वाला खतरनाक चीनी मांझा लोगों की जान पर भारी पड़ रहा है। मांझे की चपेट में आने से 38 वर्षीय महिला की दर्दनाक मौत के बाद अब एक अन्य दोपहिया वाहन सवार के घायल होने की खबर सामने आई है। लगातार हो रहे इन हादसों ने शहर में सड़क पर चलने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है। घटना के बाद पुलिस ने प्रतिबंधित मांझे की बिक्री और इस्तेमाल के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है।
गर्दन में मांझा उलझने से महिला की मौत
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मृतका की पहचान विद्या मंजूनाथ गौडर के रूप में हुई है। उनकी उम्र 38 वर्ष थी और वह हुब्बल्ली के भारत नगर इलाके की निवासी थीं। वह एक अस्पताल में लैब टेक्नीशियन के रूप में काम करती थीं।
यह दर्दनाक हादसा गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को हुब्बल्ली के कारवार रोड पर शिवशंकर कॉलोनी के पास हुआ। पुलिस के अनुसार, महिला दोपहिया वाहन से जा रही थीं, तभी रास्ते में लटक रहा पतंग का मांझा उनकी गर्दन में उलझ गया।
मांझे से गर्दन पर गंभीर चोट लगने के कारण उन्होंने वाहन पर नियंत्रण खो दिया और सड़क पर गिर गईं। हादसे में उन्हें गंभीर चोटें आईं और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उनकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया।
महिला की मौत के बाद युवक के घायल होने से बढ़ी चिंता
महिला की मौत के बाद शहर में मांझे से होने वाले हादसों को लेकर चिंता और बढ़ गई है। इसी बीच एक अन्य दोपहिया वाहन सवार के मांझे की चपेट में आने से घायल होने की भी खबर सामने आई है।
ऐसी घटनाएं इस बात की ओर इशारा करती हैं कि सड़क पर लटकता या हवा में उड़ता खतरनाक मांझा वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बन सकता है। हालांकि, दूसरे घायल युवक की पहचान, हादसे के सटीक स्थान और उसकी वर्तमान स्थिति के बारे में विस्तृत जानकारी की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
प्रतिबंधित चीनी मांझे के खिलाफ पुलिस का अभियान
महिला की मौत के बाद हुब्बल्ली-धारवाड़ पुलिस ने प्रतिबंधित चीनी मांझे की बिक्री और इस्तेमाल के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है।
पुलिस आयुक्त बोरासे भूषण गुलाबराव ने स्पष्ट किया है कि खतरनाक मांझा बेचने वालों के साथ इसका इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ भी आपराधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में विशेष टीमें गठित कर प्रतिबंधित मांझे की तलाश और जब्ती का अभियान शुरू किया है।
23 अक्टूबर को सामने आई पुलिस कार्रवाई की रिपोर्ट के अनुसार, मांझे की बिक्री और इस्तेमाल से जुड़े मामलों में 11 प्रकरण दर्ज किए गए। कार्रवाई के दौरान दुकानदारों और प्रतिबंधित मांझे का इस्तेमाल करने वालों को निशाने पर लिया गया। नाबालिगों को मांझा उपलब्ध कराने के मामलों में अभिभावकों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
सरकार ने भी जताई चिंता, सख्त नियम लागू करने के संकेत
महिला की मौत पर कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने दुख जताया है। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित और खतरनाक मांझे पर रोक को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए संबंधित मंत्रियों और अधिकारियों के साथ चर्चा की जाएगी।
उन्होंने सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जरूरत पर जोर दिया। सरकार मौजूदा नियमों की समीक्षा कर सकती है और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें और सख्त बनाने पर भी विचार किया जा सकता है।
आखिर क्यों इतना खतरनाक है चीनी मांझा?
चीनी मांझा सामान्य सूती धागे की तुलना में अधिक मजबूत और धारदार हो सकता है। इसे अक्सर सिंथेटिक या नायलॉन के धागे पर कांच के चूरे और धातु के कणों जैसी सामग्री की परत चढ़ाकर तैयार किया जाता है।
इसकी धार इतनी खतरनाक हो सकती है कि यह दोपहिया वाहन चालकों की गर्दन, हाथ या चेहरे पर गंभीर घाव कर दे। सड़क पर उड़ता हुआ या पेड़ों और बिजली के तारों से लटकता मांझा भी राहगीरों के लिए खतरा बन सकता है।
इसका असर केवल इंसानों तक सीमित नहीं है। पक्षी भी उड़ते समय मांझे में फंसकर घायल हो सकते हैं या उनकी मौत हो सकती है।
वाहन चालकों के लिए जरूरी सावधानी
हुब्बल्ली की घटनाओं ने एक बार फिर पतंग उड़ाने के दौरान जिम्मेदारी बरतने की जरूरत को सामने ला दिया है।
- पतंग उड़ाने के लिए प्रतिबंधित चीनी मांझे का इस्तेमाल न करें।
- दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट के साथ गर्दन की सुरक्षा का भी ध्यान रखें।
- सड़क पर लटकता मांझा दिखाई देने पर सावधानी से आगे बढ़ें।
- बिजली के तारों में फंसे मांझे को खुद हटाने की कोशिश न करें।
- प्रतिबंधित मांझे की बिक्री या इस्तेमाल की जानकारी स्थानीय पुलिस को दें।
मनोरंजन के लिए किसी की जिंदगी खतरे में न डालें
हुब्बल्ली में महिला की मौत और दूसरे वाहन सवार के घायल होने की खबर ने खतरनाक मांझे के इस्तेमाल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रतिबंध के बावजूद इसकी बिक्री और इस्तेमाल जारी रहना प्रशासन के लिए चुनौती बना हुआ है।
पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ आम लोगों की जागरूकता भी जरूरी है। पतंग उड़ाना मनोरंजन का साधन है, लेकिन इसके लिए इस्तेमाल होने वाला धागा किसी की जिंदगी छीन ले, तो यह बेहद गंभीर स्थिति है।
सवाल यह है कि प्रतिबंधित चीनी मांझे की बिक्री पर पूरी तरह रोक कब लगेगी, ताकि सड़क पर चलने वाले लोगों को इस तरह के जानलेवा हादसों का सामना न करना पड़े?

